आदिवासी हो भाषा वारंगक्षिति लिपि को सीखने के साथ-साथ हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की महत्व के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दिया गया । उउवि चीरू,महिला कॉलेज चाईबासा और मवि आसनपाठ के छात्र-छात्राओं को आदिवासी हो समाज युवा महासभा के भाषा के विकास तथा विभिन्न सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम के संबंध में प्रदेश सचिव शंकर चातोम्बा और प्रदेश संगठन सचिव राहुल पुरती ने जानकारी दिया।
अभियान टीम की ओर से विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी भाषा के आंदोलन में सहयोग करने के लिए विनती किया गया। हर गाँव से दिल्ली चलने,आर्थिक सहयोग करने तथा आदिवासी हो समाज युवा महासभा के तत्वाधान में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम पर सामाजिक रूप से समर्थन करने के लिए अनुरोध किया गया । भाषा-संस्कृति की मान्यता के लिए ग्रामीणों ने तन-मन-धन से सहयोग करने के लिए सहमति जतायी है।



