सांसद गीता कोड़ा व विधायक सोनाराम सिंकु कई बार उठा चुके है विधानसभा में आवाज
सांसद व विधायक के पहल को भी स्थानिय जिला प्रशाषन फाईल को दबा कर रख दिया
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : जिला प्रशासन नई योजनाओं की स्वीकृति देने में शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के अधुरे कार्यों को पुरा करने को भुल गई है। गौर तलब है कि पश्चिमी सिंहभुम जिला में अनेक स्वास्थ्य योजनाओं का कार्य विगत पंद्रह वर्षों से अधूरा है,जिससे अनाथ लोगों की तरह जिला प्रशासन और विभाग उस योजना पर ध्यान देना नही चाहती है।इस सम्बंध में सांसद श्रीमती गीता कोड़ा दो वर्ष पूर्व सभी अधूरे योजना को डीएमएफटी फंड से पुरा कराने की अनुशंसा की है,लेकिन सांसद के मांग की ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
सबसे महत्वपुर्ण योजना चाईबासा आयुर्वैदिक कॉलेज का अधुरा भवन को पुरा कराने को है, जिसके लिए जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिकु ने कई बार विभागीय मंत्री और उपायुक्त को डीएमएफटी फंड से कराने की अनुशंसा किए हैं।लेकिन विधायक का प्रयास को जिला और विभाग के अफसरशाही कार्यशैली ने सफल नहीं होने दिया।सांसद और विधायक अपने किए जाने वाले अनुशंसा पर कारवाई नही किए जाने को लेकर काफी चिंतित हैं। विदित हो की डीएमएफटी की गाईड लाईन में 60 प्रतिशत राशि शिक्षा, स्वास्थ्य पर खर्च किया जाना है, लेकिन जिला प्रशासन अधिकांश राशि 40 प्रतिशत के अधीन यातायात के अंतर्गत खर्च कर रही है।
मालुम हो कि जगन्नाथपुर आर्युवेदिक कॉलेज भवन अपने पुरा होने का इंतजार पंद्रह वर्षों से कर रहा है,इन पंद्रह वर्षों में विभाग और जिला प्रशासन को कार्य पुरा करने के लिए लिखते हुए थक चुके हैं,विभाग से फंड की आशा छोड़ कर जिला के डीएमएफटी फंड से अधूरा कार्य को कराने के लिए एनओसी के लिए जगन्नाथपुर विधायक सोना राम सिकु ने विभगीय मंत्री बन्ना गुप्ता से मिल कर लिखित अनुशंसा किराया है,लेकिन विभाग अपने ही मंत्री के आदेश को दो साल से फाईल में बंद कर रख दिया है,यानी मंत्री के आदेश पर कोई भी करवाई विभाग के उच्चाधिकारी नही किए हैं।
जिला प्रशासन एनओसी के लिए दो बार पत्र भी भेजें हैं,लेकिन धाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।इस सम्बंध में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के द्वारा पुनः संशोधित प्रस्ताव भी जिला से विभाग को भेजवा चुके हैं।वर्तमान में कॉलेज भवन को दूसरे नए भवन में संचालित की जा रही है। विदित हो कि पूर्व मुखमंत्री मधु कोड़ा का ड्रीम प्रोजेक्ट है,लेकिन लम्बे अरसे के बाद भी भवन अधूरा है।सांसद श्रीमती गीता कोड़ा और विधायक सोना राम सिंकु के द्वारा लगातार प्रयास किया जाता रहा है,लेकिन झारखंड में अफसरशाही इतना हावी है की जनप्रतिनिधियों को भी अवकात बताने का काम कर रही है,अब ऐसा लगता है कि अफसर चाहने से ही कोई काम हो सकता है।
