आघघरकेएस कंस्ट्रक्शन द्वारा कोल्हान के आदिवासी मूलवासियों के साथ जुल्म करने के खिलाफ अब एसटी आयोग को ही पत्र प्रेषित कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।


सड़क किनारे आक्रोश सभा स्बोधित करने के कारण नो एंट्री में चलते मालवाहक भारी वाहन को देखकर सन्नी सिंकु ने आगे कहा कि एसडीओ का आदेश का अवमानना करने का अधिकार किसके द्वारा ट्रांसपोर्टर को दी गई है।

 चाईबासा ( संतोष वर्मा ) :  कोल्हान में पंद्रह वर्षों से अधिक समय से जिला के ही सफेदपोस नेताओं के शह पर आरकेएस कंस्ट्रक्शन का मनमानी और आदिवासी मूलवासियों के साथ जुल्म करने का सिलसिला जारी है। कोल्हान के आदिवासी मूलवासियों पर यह जुल्म अब अति हो गया है,अभी सहन करने का मतलब अपराध है। इसलिए आरकेएस कंस्ट्रक्शन द्वारा कोल्हान के आदिवासी मूलवासियों के साथ जुल्म करने के खिलाफ अब एसटी आयोग को ही पत्र प्रेषित कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। सड़क किनारे आक्रोश सभा स्बोधित करने के कारण नो एंट्री में चलते मालवाहक भारी वाहन को देखकर सन्नी सिंकु ने आगे कहा कि एसडीओ का आदेश का अवमानना करने का अधिकार किसके द्वारा ट्रांसपोर्टर को दी गई है। 


यह दिनदहाड़े चोरी करने जैसे है। यह बातें झारखंड पुनरूत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिकु ने आरकेएस कंस्ट्रक्शन के खिलाफ आयोजित आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए कहा। विदित हो कि आज हाटगमरिया प्रखंड के इलीगड़ा टोला गोलासाई आरकेएस कंस्ट्रक्शन क्रेशर प्लांट के पास ग्रामीणों द्वारा आक्रोश सभा का आयोजित किया गया था। पूर्व विधायक झारखंड आंदोलनकारी नेता बहादुर उरांव ने कहा कि झारखंड अलग राज्य की मांग हमलेगों ने जिस उद्देश्य से किया था। जो सोचकर हमलोगो ने लड़ाई लड़ा था। राज्य बनने के बाद 22 वर्षों के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।सिर्फ 22 वर्षों में सत्ता परिवर्तन ही होते रहा। नौकरशाह में ईमानदारी, कर्तब्यनिष्टता की घोर कमी देखी जा रही है। खासकर जमीन का घपला घोटाला में बड़े अधिकारियों का भूमिका नकरात्मक है। 


पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने कहा कि आरकेएस कंस्ट्रक्शन द्वारा सड़क निर्माण के नाम पर फर्जी ग्रामसभा कर जमीन का अर्जन कर इलिगड़ा, गोलासाई में क्रेशर बैठा लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

जिस कार्य प्रक्रिया में अंचल अधिकारी और हल्का राजस्व कचारियों का भी भूमिका निरपेक्ष नहीं है। ग्रामीणों से आक्रोश सभा में बातचीत से पता चलता है यहां पेसा कानून के आलोक में पारंपरिक ग्राम सभा का आयोजन किया ही नहीं गया। और पर्यावरण सुरक्षा का धज्जियां आरकेएस कंस्ट्रक्शन द्वारा उड़ाया जा रहा है। साथ ही क्रशर प्लांट के लिए जिस प्रकार से पत्थर का उत्खनन विस्फोट कर किया जा रहा है। संदेह लगता है मनमानी करने का आदि आरकेएस बिस्फोट उत्खनन का अनुमति भी लिया है या नहीं? साथ ही बड़ालिसिया के लोकेसाई में चार साल के लिए गलत तरीका से जमीन का अर्जन आरकेएस ने किया है। जहां होटल में पेयजल आपूर्ति के लिए निर्मित कुआं को मिट्टी डालकर भर दिया गया।

झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक कोलंबस हंसदा ने आक्रोश सभा का संचालन करते हुए विषय प्रवेश में कहा कि..... आरकेएस कंस्ट्रक्शन के द्वारा अनाधिकृत रूप से जहां,तहां रैयती जमीन पर पत्थर का भंडारण और खेती करने वाली बेड़ा खेत से भारी वाहन चलाने के डायवर्सन का मनमानी तरीके से बनाकर खेत को बर्बाद किया जा रहा है। ग्रामीण इसका विरोध करे तो पुलिस के द्वारा प्रताड़ित किया जाता है। आक्रोश सभा को जगदीश चंद्र सिंकू, उपेंद्र सिंकू, अमृत मांझी, सुमंत ज्योति सिंकू, मंगल सरदार, भरत गोप, बालकृष्ण डोराईबुरू, मथुरा डोराइबुरु, बबलू देवगम और अन्य ग्रामीणों ने संबोधित किया। आक्रोश सभा में आस पास के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

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