सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : ओडिशा के बालेश्वर खंदापोडा बहानगा के बीच हुई ट्रेन हादसा में सैकड़ों की हुई मौत से देश स्तब्ध है और यह गांव से शहर तक चर्चा बनी हुई है।
यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बालेश्वर पहुंचे। स्थिति को देखा। अस्पताल में घायलों से भी मिले एवं दुःख की इस घड़ी में घायलों एवं मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। सूत्रों के मुताबिक गुड्स ट्रेन के कारण इस ट्रेन हादसे में उत्तर को दक्षिण से जोड़ने वाली कोरमंडल एक्सप्रेस के कई डिब्बे की परखचे उड़ गए। ट्रेन लूप लाइन में आ गई थी। और गुड्स ट्रेन से टकरा गई। जिससे हादसा हुई।
विपरीत दिशा से आ रही बेंगलुरु हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी टकराई जिससे कई डिब्बे पटरी से उतर गया। इस घटना से रेल में सवार सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। करीब 288 लोगों की मौत होने की बात प्रकाश में आई। जबकि 747 घायल बताये जा रहे हैं।
शुक्रवार रात को हुई घटना के बाद अंधेरा में रेस्क्यू कार्य शुरू हुई थी। स्थानीय लोग, रेलवे व प्रशासनिक एनडीआरएफ सहित विभिन्न संगठन, सरकारी एजेंसियां रेस्क्यू कार्य में जुटे रहे। खंदापोड़ा बालेश्वर से कटक भुवनेश्वर तक अस्पतालों में घायलों को पहुंचाया गया।
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक भी बालेश्वर ट्रेन हादसा स्थिति का नजारा को दिखा। वे खुद कंट्रोल रूम से हर घड़ी का खबर रख रहे थे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी स्थिति पर नजर रखे हुए थे। यहां तक कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी बालेश्वर पहुंचे एवं घटना की स्थिति का जायजा लिया।
मौके में उन्होंने मीडिया को बताया कि ट्रेन रूट में एंटी कोलिजन डिवाइस नहीं लगा है। चर्चा के मुताबिक ऐसी घटना को रोकने के लिए रेलवे टेक्नोलॉजी कवच चाहिए। प्रत्यक्ष दर्शी मानिक नामक व्यक्ति ने मीडिया को बताया कि कोरोमंडल एक्सप्रेस में वह कटक के लिए बालेश्वर स्टेशन में चढ़ा। खंदापोड़ा बहानगर के बीच भयंकर शब्द हुआ। बगी(डब्बा) अंधकार में डूब गया। खिड़की बर्थ टूट गया। अंधेरा में किसी तरह बाहर निकला। खंदापोड़ा अस्पताल में उपचार हुआ।




