डीसी के अध्यक्षता में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित


 सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) :  जिला के आदित्यपुर स्थित ऑटोक्लस्टर सभागार में  उपायुक्त श्री अरवा राजकमल के अध्यक्षता में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री अरवा राजकमल ने कहा कि समूचे देश में नशे से अधिक प्रभावित जिलों में 15 अगस्त, 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान आरंभ किया गया था। उन्होंने बताया कि विषय की गंभीरता एवं समस्या की जटिलता को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने हेतु विभिन्न माध्यम से जागरूकता अभियान चलाई जा रही है।  


नशे के इस दानव को समाप्त करने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा ऐसे बच्चे जो प्रारंभिक स्टेज में सिगरेट या तंबाकू का सेवन करते हैं वह आगे बढ़कर ड्रग्स के सेवन की और जाते हैं। उन्हें मादक पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य के साथ परिवार समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी देकर रोकने का कार्य किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में न्यायिक, प्रशासनिक, पुलिस प्रशासन के साथ सबका सहयोग अपेक्षित है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री आनंद प्रकाश ने  कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की चपेट में आने से बचाने का हम सभी का सामूहिक दायित्व है। सभी अपने कर्तव्य का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करें। ताकि नशे की लत से एडिक्टेड बच्चों या लोगों को नशे की लत से निकाल सकें। उन्होंने कहा कि यह निरंतर चलने वाली अभियान है। 
 

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त श्री अरवा राजकमल ने कहा कि  कार्यशाला में सभी पुलिस पदाधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी एवं विभिन्न विद्यालय एवं महाविद्यालय के चयनित नोडल पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। ताकि प्रशासनिक कानूनी एवं ज्यूडिशरी के साथ-साथ स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के दृष्टिकोण से लोगों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि  ऐसे विद्यालय/कॉलेज जो नशा हब के रूप में विकसित होने की संभावनाएं हैं, वैसे 85 स्कूल/कॉलेज को गोद लिया गया है। वहां पदाधिकारी चयनित नोडल पदाधिकारी के माध्यम से बच्चों के साथ सीधा संवाद कर बच्चों को एपी वॉलिंटियर के रूप में विकसित कर नशा मुक्ति की ओर आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। 
उन्होनें ने कहा कि जिले में जल्द ही डीएक्टिवेट सेंटर प्रारंभ होगा जहां एडिक्टेड बच्चों एवं लोगों को काउंसिलिंग कर नशा से मुक्ति दिलाया जा सकेगा। 


कार्यक्रम में डालसा सचिव श्री कुमार कांति प्रसाद, उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार गागराई, आईटीडीए परियोजना निदेशक संदीप कुमार दुरईबुरु, अपर उपायुक्त सुबोध कुमार, सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी रामकृष्ण कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय चंदन कुमार वत्स,भूमि सुधार उप समाहर्ता सरोज तिर्की, उप सम्हार्ता (सामान्य शाखा) श्रीमती  प्रियंका सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा के अलावे विभिन्न विभाग के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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