चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : तीसरा दिन झारखंड पुनरूत्थान अभियान के पदयात्री राजनगर से आयता पदयात्रा करते हुए पहुंचे। इसी बीच चालियामा में वृहत पैमाने पर स्थापित रूंगटा स्टील कंपनी को देखकर पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने कहा रूंगटा स्टील कंपनी भी टाटा स्टील कंपनी की तरह ही आदिवासी मूलवासियों की जमीन को अर्जन करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाया है।कई आदिवासी परिवार को चारदीवार के अंदर ही बंद कर उनकी आजादी छीन ली,तो सरकारी सड़क पर गेट लगाकर ग्रामीणों की आवाजाही भी बाधित कर दिया।
आदिवासियों की जमीन को लीज में लेकर उस जमीन का मालिक बन बैठा है।
इसलिए कहा जा सकता है चालीयामा के रूंगटा स्टील फैक्ट्री भी टाटा स्टील लिमिटेड के नक्शे कदम पर चल रही है। आदिवासियों की जमीन को तो जबरन कंपनी हथिया रही है,कुजू नदी में गार्डवाल बनाकर नदी की दिशा बदलकर आदिवासियों को बाढ़ के चपेट में आने के लिए विवश कर रही है।
इसलिए जागो आदिवासी मूलवासी आज आप नहीं जागे तो वो दिन दूर नहीं कि आपका अस्तित्व ढूंढने से नही मिलेगा।
पदयात्रा में झारखंड पुनरूत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु, अमृत मांझी, सुरेश महतो, महेंद्र जामुदा, मंगल सरदार , रियांस सामड, रविन्द्र उरांव, छोटे जामुदा, मंगल सिंह हांसदा, अमृत दास, आकाश टुडू, आकाश जामुदा, नरेश कोड़ा, सुरेश टोपनो, गोविंदा तांती और अन्य शामिल है।
