सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति एवं संयुक्त झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के आवाहन पर 60-40 का नियोजन नीति के विरोध में झारखंड बंदी का मिला-जुला असर कोल्हान सिंहभूम में भी देखने को मिला।
बंदी के अंतिम दिन चाईबासा बस स्टैंड में यात्री वाहनें रुकी रही। स्टैंड से ओडिशा के लिए बसें नहीं चली। यात्री परेशान रहे। दुकानें प्रतिष्ठान खुली थी। जमशेदपुर, सरायकेला से भी ओडिशा की ओर जाने वाली बसें बाधित रहा।
गम्हरिया केरला पब्लिक स्कूल के पास प्रदर्शनकारियों ने टाटा कांडरा मुख्य मार्ग को कुछ समय के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने 60-40 नियोजन नीति नाइ चोलबे जैसे नारा बुलंद किया। पुलिस पहुंचने के बाद जाम हटी।
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में चिलचिलाती धूप में बंद समर्थक सड़क में डटे रहे। और यातायात बाधित करने की कोशिश की। रविवार को रांची पुरुलिया की ओर जाने वाली सड़क सुनी सुनी थी।
बंदी के अंतिम दिन जयराम महतो डुमरी पहुंचे। उन्होंने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा किसी से छुपा नहीं कि झारखंड की स्थिति क्या है। तीन दिवसीय महा आंदोलन था। जोश बरकरार रखें। लंबी लड़ाई लड़नी है।




