जल, जंगल, जमीन की रक्षा करने के लिए 300 किलोमीटर की पदयात्रा करने के लिए निकले झारखंड पुनरूत्थान अभियान के पदयात्री कोल्हान से गुजर कर क्योंझर सदर पहुंचे


 चाईबासा ( संतोष वर्मा ) :  जल, जंगल, जमीन की रक्षा करने के लिए 300 किलोमीटर की पदयात्रा करने के लिए निकले झारखंड पुनरूत्थान अभियान के पदयात्री जब कोल्हान के तीनों जिला से गुजर कर क्योंझर सदर पहुंचे, तो इसका सूचना मिलने पर दाह: बंकी गांव के ग्रामीण पदयात्रियों से मुलाकात कर अपने गांव में बैठक आयोजित किया। 

पदयात्रियों के अभिभावक के रूप में नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद चित्रसेन सिकु को दाह: बंकी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में रूंगटा कंपनी फैक्ट्री बनाने के लिए जमीन लेना चाहती है।जिससे हम आदिवासियों का अस्तित्व ही खतरे में है।


बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद चित्रसेन सिंकू ने कहा कि रूंगटा कंपनी भी टाटा कंपनी के नक्शे कदम पर ही आगे बढ़ रही है।इसलिए झारखंड पुनरुत्थान अभियान जिस प्रकार टाटा कंपनी के विरोध में पदयात्रा की जा रही है।अपलोग के सहयोग समर्थन से रूंगटा कंपनी के विरोध में भी आंदोलन की जाएगी। 

झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक अमृत मांझी ने कहा जबकि क्योंझर जिला भी अनुसूचित जिला है।और अनुसूचित जिला में पारंपरिक ग्रामसभा को फर्जी तरीके से पास कर आदिवासियों की जमीन को लगातार लेने का सिलसिला आदिवासियों की डेमोग्राफी को पूरी तरह से तहस नहस करने जैसे है। झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक महेंद्र जामुदा ने कहा कि आदिवासियों के संरक्षक राज्य में राज्यपाल तो है।लेकिन वर्तमान केन्द्र और राज्य की सरकार द्वारा लगातार नियम कानून में हेर फेर कर आदिवासियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया जा रहा है।

आयोजित बैठक को कोल्हान के युवतुर्क क्रांतिकारी सामाजिक कार्यकर्ता रेयान सामड,मंगल हंसदा,मंगल सरदार,सुरेश हांसदा,मोजराम दोराई और अन्य ग्रामीणों ने भी संबोधित किया।

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