भूमि संरक्षण विभाग, चाईबासा जिले में बंजर भूमि राइसफेलो योजनान्तर्गत सरकारी/निजी तालाबों के जीर्णोद्वार का उच्च स्तरीय जाँच कराने के सम्बंध में।
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिला में इन दिनों भूमी संगक्षण विभाग के द्वारा तालाब निर्माण के नाम पर बड़ा घोटाला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले को लेकर अंबेडकराई पार्टी ऑफ इंडिया के सिंहभूम लोकसभा प्रभारी रामहरि गोप ने उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच कराने मांग कि है।
साथ ही यह भी कहा गया कि 15 दीन के अंदर यदी मामले की जांच नहीं हुआ तो बाध्य होकर वृहत रूप से आन्दोलन किया जायेगा। उपायुक्त दिए गए पत्र में कहा गया है कि भूमि संरक्षण विभाग चाईबासा द्वारा इस जिले में जितने भी बंजर भूमि राइसफेलो योजना अंतर्गत सरकारी/निजी तालाबों का जीर्णोद्धार हो रहा है, उन सभी तालाबों का उच्च स्तरीय टीम बनाकर जाँच कराने से विभागीय पदाधिकारियों एवं बिचौलियों के मिलीभगत का भंडाफोड़ एवं लाखों रुपए के घोटाला का पर्दाफाश हो सकता है।
क्षेत्र भ्रमण के दरमियान मैंने देखा कि मंझारी प्रखंड के पंचायत मेरोमहोनर अंतर्गत ग्राम गाड़ासाई स्थित रोहबांधा में एवं सदर प्रखंड के पंचायत हरिला अंतर्गत ग्राम गितिलपी, समाहरणालय से महज (1) एक किलोमीटर के अंदर में जो तालाब का जीर्णोद्वार किया गया है उसमें केवल नाम मात्र का ही खुदाई की गई है। इन तालाबों में पूर्व के तालाब आड़ी पर ही जमीनी स्तर से 4 फीट ऊंचा एक परत (Layer) दर्शाया गया है एवं बाकी 6 फीट नीचे दर्शाया गया है। कहा गया की बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आपके कार्यालय से महज (1) एक किमी कि दुरी में इस तरह कार्य हो रही है तो इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन सभी तालाबों का जीर्णोद्वार विभागीय पदाधिकारियों एवं बिचौलियों के मिलीभगत से हो रहा है।
पानी पंचायत के अध्यक्ष-सचिव एवं सदस्यों को इसकी जानकारी तक नहीं हो पाती है। बहुत सारे पानी पंचायत के अध्यक्ष-सचिव तो भूमि संरक्षण विभाग का कार्यालय तक नहीं पहुँच पाते हैं, सारा खेल बिचौलियों के द्वारा ही होता है। भूमि संरक्षण विभाग द्वारा जिले में चल रहे सभी तालाबों का 15 दिनों के अंदर उच्च स्तरीय जाँच कर दोषी पदाधिकारी एवं बिचौलियों पर शक्ति से कार्रवाई की जाए अन्यथा हमारी पार्टी समाहरणालय के समीप अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होगी। रामहरि गोप सिंहभूम लोकसभा प्रभारी अंबेडकराई पार्टी ऑफ इंडिया।
