ग्रामीणों ने सामाजिक जागरूकता अभियान टीम के समक्ष अपनी समस्या बतायी कि मनरेगा में काम करने पर समय पर पैसा नही मिलता है। काम करते-करते जब-तब फंड खत्म हो जाता है। जब भी पूछते हैं तो पता चलता है कि फंड ही नही आया है। इससे न घर चलेगा न बेटा-बेटियों को पढ़ा पाऐंगे। बैंक - ऑफिस का चक्कर लगाकर परेशान हो गये हैं। इसलिए हमलोग बाहर चेन्नई-गुजरात-मुम्बई चले जाते हैं। दूसरे तरफ हमलोग के लिए गाँव में कोई योजना पास नही होता है, जो लोग ऑफिस वालों को पैसा-मुर्गा-दारू खिलाने-पिलाने का औकात रखते हैं। ऐसे लोग अपना योजना को पास करा लेते हैं। हमलोग परेशान होकर चुपचाप रहते हैं।
इस बीच आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने ग्रामीणों को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि जरूर आप लोगों ने समस्या झेली होगी।जनकल्याणकारी तथा विकासात्मक योजनाओं के मामले में ग्रामीण स्वयं भागीदार हों। दलाल-बिचौलिये के माध्यम से कार्य कराने की कभी प्रयास न करें। गाँव में ग्राम सभा के बैठक में हर घर के सदस्य हिस्सा लें। केन्द्र सरकार,राज्य सरकार तथा पंचायती राज व्यवस्था से चल रहे योजनाओं पर निगरानी रखें । उन योजनाओं की स्वीकृति को लेकर उन प्रक्रियाओं का अनुपालन करें और आधार कार्ड, बैंक पासबुक, कुर्सीनामा, खतियान अन्य कागजातों को स्वयं से बनवाकर हमेंशा छायाप्रति रखें । ग्राम सभा की प्रस्तावना, प्राथमिकता, स्वीकृति, अभिलेख संधारण इत्यादि पर जरूरत के आधार पर स्वयं कड़ी निगरानी रखें । बीच-बीच में नागरिकता अधिकार के साथ पंचायत एवं प्रखंड ऑफिस जाते रहें और संबंधित ऑफिसर तथा कर्मचारियों से वार्ता रखें और शत-प्रतिशत समस्याएँ हल हों जाएगी।
इस अवसर पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा झारखंड प्रदेश कमिटि के कोषाध्यक्ष शंकर सिदु,जिला कमिटि के सचिव हरिश कुंकल,विभिन्न स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि,सुनीता मुण्डा,बोती मुण्डा,बलेमा मुण्डा,सुखमति मुण्डा,सुषमा मुण्डा,रानी बारी,हीरामनी खण्डाईत,सुष्मिता बारी,जगन्नाथ खंडाईत,गोरा खंडाईत,जगन्नाथ मुण्डा.हरीश मुण्डा,सिंगराय मुण्डा,रूपसिंह खंडाईत,लक्ष्मण खंडाईत आदि लोग मौजूद थे ।



