∎ जांच मे गड़बड़ी की पुष्टि होने पर अभियान निदेशक ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
∎ 3 दिने के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सेवा समाप्त करने की दी गई चेतावनी
∎ स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी, घोटाले, सरकारी राशि गबन, हेरा फेरी को लेकर पूर्व में भी हो चुकी है करवाई, डीपीएम, डैम हो चुके हैं बर्खास्त
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : स्वास्थ्य विभाग के प्रखंड लेखापाल मनोज कुमार साह की नौकरी पर तलवार लटक गई है।
सरकारी राशि की हेराफेरी के मामले में फंसे लेखापाल मनोज कुमार साह पर बर्खास्तगी के कार्रवाई भी हो सकती है। आरोपित लेखापाल के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डा. साहिर पाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक को पत्र लिखा था। इसके आलोक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रशासी पदाधिकारी ने लेखापाल मनोज कुमार साह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इसमें कहा गया है कि तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष समर्पित करना सुनिश्चित करें कि वित्तीय अनियमितता के आरोप में क्यों नहीं आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आपका अनुबंध समाप्त कर दिया जाए। ससमय स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में यह समझा जाएगा कि आपको इस संबंध में अपना कोई पक्ष नहीं रखना है, तदनुसार अग्रेतर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष दीपक प्रधान ने लेखापाल पर ममता वाहन में सरकारी राशि का गबन,हेरा फेरी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करायी थी। आरोप लगाया था कि ममता वाहन के नाम पर जगन्नाथपुर अस्पताल में पदस्थापित प्रखंड लेखा प्रबंधक मनोज कुमार साह ने लाखों रुपये की निकासी की है।
उसने जगन्नाथपुर सीएचसी से मालुका की दूरी मात्र 7 किलोमीटर है मगर कागजी दस्तावेज पर जगन्नाथपुर से मालुका की दूरी 22 किलोमीटर दिखाकर ममता वाहन के मद की राशि की निकासी की गई। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी द्वारा हेराफरी का चोली दामन का साथ रहा है । दवा, बेड ,उपकरण ,सामग्री आपूर्ति, टेबल, कुर्सी, गद्दा, फर्नीचर ,गोदरेज ,अलमारी, स्टेस्नरी, प्रचार प्रसार आदि में भारी गड़बड़ी और अनियमितता ,सरकारी राशि का गबन, हेराफेरी होती रही है । यही कारण है कि पूर्व में गड़बड़ी, घोटाले, सरकारी राशि के गबन, हेराफेरी के आरोप में पूर्व में जिला कार्यक्रम प्रबंधक और जिला लेखा पदाधिकारी (डीपीएम और डैम ) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
जांच में सही पाए गए थे लेखापाल पर लगे आरोप
शिकायत के आलोक में सिविल सर्जन की ओर से एक टीम गठित कर 24 दिसंबर 2022 को जांच कराई गई थी। जांच पदाधिकारी ने 29 मार्च को रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को समर्पित की थी। रिपोर्ट में जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित लेखापाल मनोज कुमार साह, जो वर्तमान में मझगाव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिनियुक्त हैं के विरुद्ध दीपक कुमार की ओर से लगाया गया आरोप सही प्रतीत होता है। जांच में यह भी पाया गया कि मालुका स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का दरवाजा कई दिनों से खुला ही नहीं है। अतः ऐसी स्थिति में प्रसव का प्रश्न ही नहीं उठता है। स्वास्थ्य उपकेंद्र मालुका में पदस्थापित एएनएम दीपिका लोमगा जांच दल द्वारा जांच के क्रम में जांच दल के सामने उपस्थित नहीं हुई राशि की निकासी संदेहात्मक प्रतीत होती है। सिविल सर्जन कार्यालय से जांच रिपोर्ट के आधार पर मनोज कुमार साह के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर अभियान निदेशक को पत्र भेजा गया था।

