चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति गंगाधर पंडा 27 मई को सेवानिवृत हो रहे है. इसी तरह प्रतिकुलपति डॉ कामिनी कुमार भी 27 मई को रिटायर होने वाले है. इसके बाद से दोनों पद खाली हो जायेगा। इसको लेकर झारखंड के राजभवन सचिवालय ने एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कोल्हान विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों में कुलपति के पदस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुलपति और प्रतिकुलपति का पदस्थापन किया जायेगा। राजभवन ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक कोल्हान यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर की नियुक्ति नहीं होती है, तब तक के लिए कोल्हान के आयुक्त वाइस चांसलर यानी कुलपति के प्रभार में रहेंगे। अगले आदेश तक वे विश्वविद्यालय का रुटीन कामकाज देखेंगे। अगर किसी तरह का नीतिगत फैसला लेना होगा तो इसके लिए कुलाधिपति यानी राज्यपाल से बातचीत कर ही फैसला लिया जा सकता है। राजभवन के ओएसडी न्यायिक मुकुलेश चंद्र नारेन की ओर से यह आदेश जारी किया गया है. पहले यह कयास लगाया जा रहा था। कि प्रोफेशर गंगाधर पंडा और डॉ कामिनी कुम किया गया है। पहल यह कयास लगाया जा रहा था कि प्रोफेशर गंगाधर पंडा और डॉ कामिनी कुमार को एक्सटेंशन दिया जायेगा, लेकिन ऐसा नही हो पाया और अब यह तय है कि उनकी जगह कोल्हान आयुक्त को पदस्थापित कर दिया गया है।
27 को समाप्त होगा कोल्हान कुलपति का कार्यकाल, कोल्हान आयुक्त लेंगे प्रभार
कोल्हान यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो गंगाधर पांडा और प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो जाएगा। यूनिवर्सिटी की ओर से विज्ञापन जारी कर कुलपति और प्रतिकुलपति के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे है। बताते चले के 19 मई से आवेदन प्रक्रिया शुरु की गई है जो 5 जून तक चलेगी।
इच्छुक 'उम्मीदवार चांसलर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
कुलपति और प्रतिकुलपति के लिए जो योग्यता निर्धारित की गई है, ऐसे शिक्षकों की संख्या झारखंड में काफी कम है। ऐसे शिक्षक ही आवेदन कर सकते है जो शिक्षण कार्यों के साथ साथ प्रशासनिक कार्यों से भी जुड़े रहे हो। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि कुलपति के लिए किसी अन्य राज्य से ही किसी व्यक्ति का चयन होगा। इसके बावजूद अभी तक नए कुलपति और प्रतिकुलपति के नाम पर मुहर नहीं लगी है।
