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बैठक में आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद सालखन मुर्मू भी शामिल हुए। इस दौरान प्रमंडलीय संयोजक सूबेदार बिरूवा सहित जिले के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सलखान मुर्मू ने कहा कि कोल्हान में आदिवासी समुदाय राजनीतिक रूप से कमजोर हो रहा है।
बाईट - सालखन मुर्मू, पूर्व सांसद
आरक्षण के कारण जनजातीय समुदाय के लोग ही सभी पार्टियों की ओर से सांसद, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि बनते हैं, लेकिन इनके पास आदिवासियों को बढ़ाने और बचाने का कोई एजेंडा नहीं है। चुनाव जीतने के बाद यह लोग अपने स्वार्थ की पूर्ति करते हैं और पार्टियों के गुलाम बन कर रह जाते हैं। जनता को बताना होगा कि वह आपके वोट से चुनाव तो जीते हैं लेकिन अपने लिए, इसलिए इनसे सवाल जवाब करना होगा। श्री मुर्मू ने कहा कि राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन दोनों ही राजनीतिक जागरूकता के लिए कभी कोई पहल नहीं करते हैं। स्वशासन व्यवस्था भी आदिवासियों को एकजुट करने की बजाय और पीछे ले जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और नशा उन्मूलन समाज के लिए बहुत जरूरी है। इन दिनों कुर्मी भी आदिवासी बनने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में आदिवासी समुदाय सामाजिक रूप से सशक्त नहीं होगा तो बाकी लोग इन पर हमला करेंगे।
