लोगों ने ओड़िया भाषा संस्कृति को बचाए रखने का लिया संकल्प
सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : उत्कल दिवस में जिला मुख्यालय सरायकेला में लोगों को फिर आई उत्कलमणि गोपबंधु की याद। विभिन्न संस्था के लोग पहुंचे एवं गोपबंधु चौक में स्थित उत्कलमणि गोपबंधु की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धा सुमन अर्पित कर ओडिया भाषा संस्कृति को बचाए रखने के संकल्प को दोहराया।
श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में नगर पंचायत अध्यक्ष मीनाक्षी पटनायक, उपाध्यक्ष मनोज चौधरी, वार्ड सदस्य सविता पटनायक सहित वार्ड सदस्यगण सहित आम जनता शामिल थे।
इससे पहले सरायकेला उत्कलमणि आदर्श पाठागार में सभा हुई। सर्वप्रथम उपस्थित संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने मधुसूदन दास एवं उत्कलमणि के चित्र पर माल्यार्पण की। सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने ओड़िया भाषा संस्कृति को बचाए रखने के संकल्प को दोहराया। सदस्यों ने अपने-अपने विचार को भी बयां किया। मौके में पाठागार के पुराने गायक वायवृद्ध चंद्र शेखर कर एवं उनके सहयोगी दयाशंकर सारंगी ने "वंदे उत्कल जननी", सर्वेशाम..... जैसे ओड़िया गीतों की प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। लोगों ने उत्कल दिवस में आनंद की अनुभूति की। इसके बाद संस्था के पदाधिकारी सदस्यगण गोपबंधु चौक पहुंचे। यहां स्थित उत्कलमणि गोपाबंधु दास के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धा सुमन अर्पित की।
श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में उत्कलमणि गोपाबंधु पाठागार के उपाध्यक्ष सुदीप पटनायक, महासचिव जलेस कवि, सुशांत महापात्र, संजय पति, आशुतोष कर, नीलांबर सिंहदेव, सुशील आचार्य, चिरंजीवी महापात्र, सुखलाल महांती, परशुराम कवि, तरुण भोल, घासीराम सतपथी, प्रदीप महांती, काशीनाथ कर, देवी प्रसन्न सारंगी, शंकर सतपथी, केदार सामल, चक्रधर महांती सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।



