मनरेगा मजदूरों ने सोनुआ प्रखंड कार्यालय में रोज़गार के लिए किया प्रदर्शन


चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच, पश्चिमी सिंहभूम व सोनुआ प्रखंड के विभिन्न गांवों से अनेक मनरेगा मज़दूर प्रखंड कार्यालय पहुंच के रोजगार के लिए प्रदर्शन किए। मजदूरों ने मनरेगा में काम की मांग की। मज़दूरों ने कहा कि अभी काम की बहुत जरूरत है लेकिन गावों में मनरेगा योजनाएं पर्याप्त संख्या में नही चल रही है। जब भी मनरेगा कर्मियों से काम की मौखिक मांग किया जाता है, उन्हे विभिन्न बहाना देकर वापिस भेज दिया जाता है जैसे फंड नही है, MIS नही हो रहा है आदि। अभी तक इस साल अधिकांश गावों में योजनाएं जमीनी स्तर पर नही चल रही हैं।  साथ ही, फर्जी मस्टर रोल के माध्यम से बड़े पैमाने पर चोरी हो रहे है। मनरेगा मजदूरों के प्रति प्रशासन की उदासीनता इससे झलकता है कि पोड़ाहाट गांव के 14 मजदूरों ने 2 फरवरी को काम की मांग की थी लेकिन उन्हें आज तक काम नही मिला। मजदूरों ने हाल में लागू की गई मोबाइल हाजरी (NMMS) और आधार आधारित भुगतान व्यवस्था (ABPS) से हो रही समस्याएं को साझा किया। मजदूरों के मेहनत के काम व उपस्थिति को एमआईएस में जीरो कर दिया जा रहा है। जिन मजदूरों का ABPS नही है, उन्हे काम ही नहीं दिया जा रहा है।


प्रखंड कार्यालय मजदूरों के नारों से गूंज उठा। मजदूरों ने मांग किया कि "हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो, समय पर भुगतान दो"। 

प्रदर्शन के अंत में मजदूरों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को संलग्न मांग पत्र दिया और निम्न मांग किया :

1) मजदूरों को तुरंत काम दिया जाए एवं प्रखंड के प्रत्येक गांव में बड़ी संख्या में योजनाओं को शुरू किया जाए।
2) समय पर मस्टर रोल जारी कर काम शुरू होने से पहले कार्यस्थल पर पहुंचाया जाए।
3) किसी भी परस्थिति में काम किए गए मस्टर रोल को एमआईएस में जीरो न किया जाए एवं इसके लिए दोषी कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
4) NMMS व ABPS को रद्द किया जाए।

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