चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : कोल्हान विश्वविद्यालय के टीआरएल विभाग की ओर से मंगलवार को विश्वविद्यालय के नए ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व गृह सचिव सह सिंडिकेट सदस्य जेबी तुबिद और मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित जानूम सिंह सोय शामिल थे। जेबी तुबिद ने अपने संबोधन में कहा कि मानव जीवन की भाषा ही पहचान है।विदेशों में भी रहने से मातृभाषा की अलग पहचान होती है। कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय में जिस तरह से टीआरएल विभाग काम कर रहा वह सराहनीय है। झारखंड अलग होते ही जनजाति व क्षेत्रीय भाषा का काम शुरू हो गया था जो एक गर्व की बात है।
मानव जीवन चलता फिरता साहित्य : जानूम सिंह सोय
इस दौरान जानूम सिंह सोय ने कहा कि हम सभी कोल वंश के हैं। हम सभी प्राकृतिक के पूजक हैं एवं प्राकृतिक के पुत्र हैं। विद्यार्थी जीवन को स्वर्णकाल के नाम से जाना जाता है। इस काल में दो राह मिलती है। जिसमें शिक्षा तथा प्रेम का मार्ग शामिल है। विद्यार्थी को पहचानना होगा कि वे किस मार्ग पर चलना चाहता है। विद्यार्थी जीवन में प्रेम मार्ग की ओर सबका झुकाव अधिक रहता है। इसे त्याग कर शिक्षा के मार्ग पर चलना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि धरती में केवल दो ही जाति है, नर और नारी। जाति का विभाजन हम मानव के द्वारा हुआ है, जो सत्य नहीं है। नर दस्तूर और नारी धर्म का प्रतीक है। हमें प्रकृति के अनुरूप ही पर्व त्योहार को मनाना चाहिए। मानव जीवन एक चलता फिरता साहित्य है,उन्होंने जोहार गीत के साथ अपने अभिभाषण का समापन किया, साथ ही पंचतत्व को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।
देश भर से पहुंचे हैं सहायक प्रोफेसर, शोधार्थी और विद्यार्थी
टीआरएल विभाग की ओर से कोल्हान विश्वविद्यालय के नए ऑडिटोरियम परिसर में पारंपरिक खानपान के सामग्रियों को प्रदर्शित किया गया था। कुड़माली भाषा के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी लगाई थी। देश के विभिन्न स्थानों से सहायक प्रोफेसर, शोधार्थी व विद्यार्थी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मालुम हो कि दो दिवसीय सेमिनार में कई विद्यार्थियों के रहने खाने की व्यवस्था टीआरएल विभाग की ओर से की गई है।
शिक्षक व विद्यार्थी रहे उपस्थित।
कोल्हन विश्वविद्यालय के कुलसचिव जैन शेखर ने स्वागत भाषण दिया। मंच का संचालन डॉ नुपुर अंबेता मिंज ने किया। मौके पर दर्शन शास्त्र विभाग के एचओडी डॉ दीपांजय श्रीवास्तव, टीआरएल विभाग के प्रभारी एचओडी सह आयोजक सचिव डॉ अर्चना सिन्हा, फिजिक्स विभाग के एचओडी डॉ संजय गोराई, एलबीएसएम कॉलेज के प्रभारी डॉ एके झा, डॉ रागिनी भूषण, डॉ शिव कुमार सिंह, डॉ एमएन सिंह, सुभाष महतो, मनसा महतो, प्रो बसंत चाकी, डॉ एमएन खान के अलावा काफी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे।


