जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित विधिक सशक्तिकरण शिविर में उपस्थित जन जहाँ कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं जिला प्रशासन के द्वारा अधिष्ठापित स्टाल के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ भी ले सकते हैं।
चाईबासा ( संतोष वर्मा ) : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशन पर पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय शहर चाईबासा के गांधी मैदान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान पर आयोजित वृहद विधिक सशक्तिकरण शिविर(मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप) का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विश्वनाथ शुक्ला तथा जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल के द्वारा शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा जिला प्रशासन अंतर्गत स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, भूमि संरक्षण व अन्य विभागों के द्वारा अधिष्ठापित स्टाल के माध्यम से आम जनों को कानूनी जानकारी सहित राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करवाते हुए अहर्ताधारियों को योजना का लाभ उपलब्ध करवाने हेतु आवेदन प्रपत्र भी भरवाया गया। आयोजन स्थल पर सर्वप्रथम उपस्थित आगंतुकों का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत पश्चात दीप प्रज्वलन कर विधिक सशक्तिकरण शिविर का शुभारंभ हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि गांधी मैदान में आयोजित विधिक सशक्तिकरण शिविर में उपस्थित जन जहाँ कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, वहीं जिला प्रशासन के द्वारा अधिष्ठापित स्टाल के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अंतर्गत जिस भी व्यक्ति का वार्षिक आय ₹3,00,000 से कम है, उन सभी लोगों को डालसा के माध्यम से कानूनी मदद के अलावे वकील की सहुलियत सहित मुकदमे के दौरान होने वाले खर्चों का भी भुगतान करवाया जाता है। पीडीजे ने कहा कि डालसा के तत्वाधान पर लोक अदालतें भी संचालित की जाती है, जहां वर्षों से लंबित वादों को आपसी सहमति या त्वरित निर्णय करते हुए निष्पादित किया जाता है।
समारोह में अपनी बातों को रखते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों या जहां भी कानून की जानकारी के अभाव में अगर किसी भी व्यक्ति का नुकसान हो रहा है या अपने अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है, उन सभी के अधिकारों की रक्षा का कार्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संपादित किया जाता है तथा आज यहां आयोजित बृहद विधिक सशक्तिकरण शिविर उसी प्रयास का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी व्यक्ति आयोजित विधिक सशक्तिकरण शिविर का भरपूर लाभ उठाएं तथा अपने अधिकारों की रक्षा से जुड़ी सभी जानकारियों को लेते हुए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें, ताकि आप लोगों का जीवन स्तर पहले से बेहतर हो।
उक्त समारोह के मध्य में कस्तूरबा विद्यालय-सदर चाईबासा की छात्राओं के द्वारा नारी शिक्षा, अधिकार व स्वतंत्रता आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई। समारोह दौरान 10 लाभुकों के बीच टीभी पोषाहार किट्, 5 लाभुकों के बीच फाइलेरिया किट, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 5 लाभुकों को प्रमाण पत्र, 7 दिव्यांग जनों के बीच ट्राईसाइकिल/वैशाखी/व्हीलचेयर/श्रवण यंत्र, 2 बच्चों का अन्नप्राशन, कुपोषण उपचार केंद्र में इलाजरत 11 बच्चों के माता-पिता को वस्त्र, जेएसएलपीएस के तहत ₹37,50,000/- का क्रेडिट लिंकेज व ₹3,10,000 राशि का डेमो चेक, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अंतर्गत 2 लाभुकों के बीच जल किट, मनरेगा अंतर्गत 4 लाभुकों के बीच जॉब कार्ड, कल्याण गुरुकुल केंद्र तहत प्रशिक्षण प्राप्त 4 छात्राओं के बीच प्रमाण पत्र, पालन विभाग तहत 2 लाभुकों के बीच बकरा/बकरी इकाई, कृषि विभाग तहत 4 लाभुकों के बीच बीज व किटनाशक तथा आपूर्ति विभाग तहत 10 जनों के बीच धोती-साड़ी का वितरण किया गया।उक्त विधिक सशक्तिकरण शिविर में जिला के वरीय न्यायाधीश सहित सचिव-डालसा, न्यायपालिका के अन्य पदाधिकारी गण, अपर उपायुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला बार काउंसिल के प्रतिनिधि गण सहित अन्य उपस्थित रहे।




