सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ): प्रसिद्ध सरायकेला छऊ नृत्य कला के लिए श्री बृजेंद्र पटनायक को दिल्ली विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से अलंकृत किए।
खुद श्री पटनायक ने इसकी जानकारी दी।
सरायकेला, झारखंड निवासी बृजेंद्र पटनायक का जन्म 1958 में हुआ। वह छऊ कला की प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता गुरु चितरंजन पटनायक से ग्रहण की। बाद में गुरु वनबिहारी पटनायक, पद्मश्री सुधींद्र नारायण सिंहदेव, पद्मश्री केदारनाथ साहू से छऊ कला का ज्ञान हासिल की। इन्होंने देश विदेश में छऊ नृत्य कला का प्रदर्शन की। एवं इसकी विकास में योगदान दी है । भारत सरकार संस्कृति विभाग से इन्हें जूनियर एवं सीनियर फैलोशिप भी मिल चुका है। इन्होंने देश-विदेश के कई छात्र-छात्राओं को सरायकेला छऊ नृत्य शिक्षा देने में भी महारत हासिल की है। अभिनय कला (ड्रामा), छऊ नृत्य कला में इन्होंने सम्मान भी हासिल की है। इन्हें अवार्ड मिलने से छऊ कलाकारों एवं कलाप्रेमियों में खुशी की लहर है।

