आदिवासी मूलवासी वर्षों से सारा चीज रहते हुए महसूस करते थे कहीं ना कहीं हम पीछे तो नहीं: मंत्री चंपाई
सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय सरायकेला स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी, मूलवासी वर्षों से सारा चीज रहते हुए महसूस करते थे कहीं ना कहीं हम पीछे तो नहीं।
उपस्थित जनता पहली बार उनके उद्गार से कुछ समय भावुक हुए बिना रह नहीं पाए। मंत्री श्री सोरेन ने जनता को दिए संदेश में कहा कि दो सौ साल तक ब्रिटिश साम्राज्यवाद बंदूक के नोक पर देश को कब्जा किया था।
परंपरा भाषा-संस्कृति, समाज व्यवस्था पर जब आघात शुरू किया। पूर्वजों ने संघर्ष करके भारत को आजाद किया। वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ। इसलिए लाल किला प्राचीर से लेकर स्कूल-कॉलेज,गांव हर जिला में खुशी मनाते हैं। संविधान निर्माता को याद करते हैं। जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने के लिए संविधान की रचना की। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में कोई छोटा बड़ा नहीं। स्वतंत्र रूप से अपना भाषा, संस्कृति, धर्म विकास का अधिकार है। इसलिए हम देश में कभी अलग झारखंड प्रदेश के लिए संघर्ष करते थे। भारतवर्ष एक समुदाय धर्म का नहीं। बहुभाषा धर्म का है। यही संविधान का ताकत है। 74 साल बाद भी हम सब में कुछ खामियां हैं। इससे पहले उन्होंने परेड की सलामी ली और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह में मनमोहक झांकी भी देखने को मिला। उपायुक्त आरवा राजकमल, एसपी आनंद प्रकाश सहित गणमान्य अतिथि, जनता समारोह में उपस्थित थे। समारोह में उल्लास पूर्ण वातावरण बना रहा।
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