सिमडेगा में MMDR कानून को लेकर संवाददाताओं को संबोधित पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य इस कानून के माध्यम से पूरे देश में खनिज क्षेत्र में एकरूपता, पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करना है
झारखंड के सामने असली चुनौती अपनी अपार खनिज संपदा का प्रभावी उपयोग करने की है
संतोष वर्मा
चाईबासाःसिमडेगा में MMDR कानून को लेकर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य इस कानून के माध्यम से पूरे देश में खनिज क्षेत्र में एकरूपता, पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करना है। इस कानून से झारखंड के लोगों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
झारखंड के सामने असली चुनौती अपनी अपार खनिज संपदा का प्रभावी उपयोग करने की है। राज्य सरकार को चाहिए कि वर्षों से बंद पड़ी खदानों को शीघ्र चालू करे और नई खनन परियोजनाओं को गति दे, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की आय में वृद्धि हो।
उड़ीसा में आवंटित अनेक खनिज ब्लॉकों को संचालित कर खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया गया है। वहीं झारखंड में कई खदानों और परियोजनाओं के लंबित रहने के कारण राज्य अपनी खनिज संपदा की पूरी क्षमता का लाभ नहीं उठा पा रहा है।झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इसलिए आवश्यकता आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि बंद खदानों को चालू करने, नई परियोजनाओं को धरातल पर उतारने और खनिज संसाधनों से राज्य के राजस्व एवं रोजगार को बढ़ाने की ठोस पहल की है।
