श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता : गीता कोड़ा
संतोष वर्मा
Chaibasaःभारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय, चाईबासा में मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं महान राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद Geeta Koda शामिल हुईं। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद एवं प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रहित, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अखंड भारत के संकल्प को समर्पित था। उन्होंने कहा कि देश आज उनके बलिदान का ऋणी है। जम्मू-कश्मीर में एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के विरुद्ध सबसे पहले मुखर आवाज उठाने वाले डॉ. मुखर्जी ही थे। धारा 370 के विरोध में उनका संघर्ष भारत की एकता और अखंडता के लिए था।
गीता कोड़ा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका यह त्याग ही था जिसने आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर भारत की मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके पीछे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी, जो आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में देश की सेवा कर रही है। उनका जीवन देशभक्ति, त्याग और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे वरिष्ठ उपाध्यक्ष रंजन प्रसाद महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा, चंदन झा उपाध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ, पवन शर्मा, सनी पासवान ,राजश्री बानरा, अनंत सयनम ,मंत्री रूपा सिंह दास, हेमंत केसरी प्रताप कटियार महतो सतीश पुरी रवि शंकर विश्वकर्मा, जुली खत्री, और पार्टी के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
