अवैध लौह अयस्क खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँच रही है : बुधराम लागुरी
खनन माफिया के कारण जंगली हाथी गांव - शहर में घुस रहे हैं : बुधराम लागुरी
अवैध लौह अयस्क खनन को बंद करने को लेकर झामुमो पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मिलेंगे : लागुरी
लागुरी ने कहा कि खनन माफिया संतोष उर्फ़ डेबरा, सन्नी सिंह जैसे लोग अपने आप को राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है इसलिए जिले के कोई प्रशासनिक अधिकारी कुछ नहीं बिगाड़ सकता,
संतोष वर्मा
Chaibasa: अवैध लौह अयस्क खनन को बंद करने को लेकर झामुमो पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मिलेंगे. खनन माफिया के कारण जंगली हाथी गांव - शहर में घुस रहे हैं. यह बातें आज झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने अपने प्रेस बयान में कहा है. श्री लागुरी ने कहा कि नोवामुंडी एवं आसपास के क्षेत्र में अवैध लौह अयस्क माइनिंग का धंधा जोरशोर से अब भी जारी है. जिला प्रशासन और वन विभाग का मौन रहना संदेह उत्पन्न करता है. इसलिए अब इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखा जायेगा. इन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय और बाहरी तत्व बिना वैध अनुमति के जंगल और पहाड़ी इलाकों में मशीनों के जरिए खनन कर रहे हैं. खनन में उपयोग किए जा रहे ट्रक, जेसीबी मशीनें और अन्य उपकरण भी शामिल है। अवैध लौह अयस्क खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रही है. पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न खनन क्षेत्रों, विशेषकर नोवामुंडी, जामदा, गुवा, किरीबुरु और आसपास के इलाकों में अवैध लौह अयस्क खनन के बढ़ते मामलों ने पर्यावरण और स्थानीय जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। इस संबंध में श्री लागुरी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात की है।अवैध खनन गतिविधियों के कारण बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई भी हो रही है और खनन माफिया के द्वारा जंगली जानवरों को भी खादेड रहे हैं. जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। जिसके कारण सारांडा - कोल्हान क्षेत्र से जंगली हाथी व जानवर गांव - शहर में घुस कर जानमाल की क्षति पहुंचा रहे हैं. श्री लागुरी ने कहा कि खनन के दौरान निकलने वाली धूल और अपशिष्ट पदार्थ वायु और जल प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। कई क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। श्री लागुरी ने बताया कि बिना वैध अनुमति के चल रहे इन खनन कार्यों में भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है और कृषि योग्य भूमि बंजर होती जा रही है। इसके अतिरिक्त, खनन से उत्पन्न कंपन और ध्वनि प्रदूषण से आसपास के गांवों के निवासियों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसलिए जिला प्रशासन इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए गिरफ्तार करने के दिशा में कार्य करना चाहिए. श्री लागुरी ने कहा कि खनन माफिया संतोष उर्फ़ डेबरा, सन्नी सिंह जैसे लोग अपने आप को राज्य सरकार के वरीय पदाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है इसलिए जिले के कोई प्रशासनिक अधिकारी कुछ नहीं बिगाड़ सकता, कहता पिर रहा है. इस तरह खनन माफिया द्वारा सरकार, प्रशासन और पार्टी को बदनाम कर रहे हैं. इसलिए अब झामुमो ऐसे लोगों को चिन्हित कर सीधी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी.
