टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव में हाथियों का आतंक को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग का किया पुतला दहन

 टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव में हाथियों का आतंक को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग का किया पुतला दहन



संतोष वर्मा

Chaibasaः पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड के नीमडीह गांव में शनिवार को हाथियों का आतंक को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग का पुतला दहन किया। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी द्वारा कई दिनों से घरों को तोड़ रहा है जान माल का खतरा बना हुआ है लेकिन वन विभाग के लोग नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों के बीच आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि बहुत दुःख होता है जो सबसे बुद्धिमान और शांत जानवर हाथी आज इतना आक्रामक होता जा रहा है इसका मूल कारण है टाटा और रूंगटा कम्पनी के लिए जंगल पहाड़ को गलत तरीके से खदान करना और अवैध तरीके से पेड़ो को काटना और ये सब वन पदाधिकारी के द्वारा लापरवाही बरतने के कारण हो रहा है।

 आज अगर 22 लोगों का जान भी गया है तो वन विभाग ही दोषीवार है। समय रहते गंभीरता से काम करते तो इतने लोगों का जान नहीं जाता। वन विभाग हमेशा से जंगल में बसे आदिवासियों को छोटे छोटे मामलों में परेशान करते हैं लेकिन आज अगर गांव के लोग अपनी जान माल की सुरक्षा स्वयं नहीं बचाते तो कितने लोग मारे जाते। वन कर्मी किस लिए वेतन उठा रहे हैं उन्हें वेतन उठाने की कोई जरूतर नहीं है। वन विभाग अगर जल्द से जल्द हाथियों को उनके सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचा देते हैं तो जिला में चक्का जाम किया जायेगा। झारखंड सरकार जल जंगल जमीन का बात करती है लेकिन आज झारखंड में कुछ नहीं बच रहा है।jmm की सरकार पूंजीपतियों की सरकार बन चुकी है। उड़ीसा में मृतक परिवार को 10 लाख रुपए दिया जाता है जबकि झारखंड सरकार मात्र 4 लाख रुपए। इसलिए हमारा पार्टी मांग करती है कि मृतक परिवार को 1 करोड़ और घर का मुआवजा 10 लाख रुपए दिया जाए।

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