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सरायकेला: सरायकेला–खरसावाँ जिले में बस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जिला परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बस स्वामियों और बस परिचालकों के लिए एक अहम आधिकारिक सूचना जारी की गई है, जिसमें Central Institute of Road Transport (CIRT) की सुरक्षा अनुशंसाओं का पालन अनिवार्य बताया गया है।
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| गिरजा शंकर महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी |
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्लीपर कोच बसों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। स्लीपर कोचों में लगाए गए ड्राइवर पार्टीशन डोर को तत्काल प्रभाव से हटाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, स्लीपर बर्थ में लगे सभी प्रकार के स्लाइडर्स भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सभी स्लीपर कोच बसों में एक माह के भीतर Fire Detection and Suppression System यानी FDSS लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, प्रत्येक बस में कम से कम 10 किलोग्राम क्षमता का अग्निशामक यंत्र ग्रीन ज़ोन में उपलब्ध रहना जरूरी होगा।
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| जिला परिवहन कार्यालय की ओर से जारी पत्र |
वाहन संरचना और पंजीकरण से जुड़े प्रावधानों में स्पष्ट किया गया है कि चेसिस के अनधिकृत विस्तार के आधार पर बनी बस बॉडी को तत्काल परिचालन से बाहर किया जाएगा। किसी भी बस का पंजीकरण फॉर्म 22 या 22A और अनुमोदित परीक्षण एजेंसी की वैध स्वीकृति के बाद ही मान्य होगा।
तकनीकी मानकों के तहत बस पंजीकरण के समय ले-आउट ड्राइंग संलग्न करना भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें बस के आयाम, दरवाजों की स्थिति, आपातकालीन निकास और रूफ हैच का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। साथ ही, बस बॉडी बिल्डर की वैध मान्यता की जांच भी पंजीकरण के दौरान की जाएगी।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि CMVR 1989 और AIS:052 व AIS:119 के प्रावधानों के अनुरूप ही बसों का संचालन किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस स्वामियों और परिचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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