नहीं मिला एंबुलेश चाईबासा सदर अस्पताल में तो डिम्बा चातोम्बा नें अपने चार माह बच्चे की लाश झोला में भर कर ले आये घर
अगर आपकी पहुंच और पैरवी नहीं है तो नहीं मिलेगी चाईबासा सदर अस्पताल में ऐबुंलेंश
संतोष वर्मा
चाईबासाः देखिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी कोलहान के आदिवासी भाई कहतें है की हेमंत है तो हिमत है,लेकिन आपके सरकार में स्वास्थय विभाग पुरी तरह चरमरा गई है.मानवता के आधार पर अबुवा सरकार में अबुवा भाई को ऐबुंलेश नशीब नहीं होती यह तो मानवता शर्मशार होने जैसी बात है.ऐसी ही बानगी शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोलहान प्रमंडलिय चाईबासा सदर अस्पताल में एक गरीब पिता को अपने चार माह के बच्चे का लाश घर तक लाने के लिए ऐबुंलेश नहीं मिला तो लाचार और आर्थिक रूप से कमजोर मृतक के पिता डिम्बा चातोम्बा नें सदर अस्पताल में ऐबुलेंश की आश में घंटो प्रतिक्षा करने के बाद झोला यानी थैला में भर कर अपने चार वर्षिय बच्चे की लाश लेकर सदर अस्पताल से नोवामुण्डी के बालजोड़ी अपने घर पहुंच गए. यदी डिम्बा चातोम्बा के पास पैसे होते और पहूंच होती तो बच्चे की लाश को लाने के लिए झोली में लाने के बजाय ऐबुंलेश मिल जाता लेकिन......
ज्ञात हो की नोवामुण्डी प्रखंड अंतर्गत पड़ने वाली बालजोड़ी गांव के डिम्बा चातोम्बा अपने चार माह के बच्चे को ईलाज के लिए चाईबासा के सदर अस्पताल में दो दिन पूर्व भर्ती कराया गया था लेकिन शुक्रवार को उस बच्चे की मौत इलाज के दौरान हो गई.अब डिम्बा चातोम्बा के पास घर आने के लिए पैसे नहीं थे डिम्बा नें अपने चार माह के बच्चे का लाश को घर तक पहुंचाने के लिए अस्पताल में ऐबुलेंश की मांग करते रहें लेकिन अंतः नहीं मिली ऐंबुलेश तो थक हार कर एक झोला में भर कर अपने चार वर्षिय बच्चे का शव लेकर घर पहूंच गये, जब लोगों को पता चली तो रोंगटे खड़े हो गई और सरकार कू सिस्टम और विभाग के मंत्री के कार्यशैली पर सवाल उठनें लगे.
