बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग हेतु विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन
santosh verma
Chaibasaःशनिवार कोपश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में *‘बाल-संवेदनशील पुलिसिंग: बाल मनोविज्ञान और संचार’* विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष किशोर पुलिस इकाइयों (SJPU) को सशक्त बनाना और बाल संरक्षण से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक संवेदनशील व प्रभावी बनाना है। उक्त कार्यक्रम का आयोजन पश्चिम सिंहभूम पुलिस विभाग के द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से और सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स (CCR), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची के तकनीकी सहयोग से किया गया। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों से आए 26 बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) ने भाग लिया।
पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू ने सभी पुलिस थानों के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को "बाल मित्र थाना" के निर्माण एवं संचालन हेतु निर्देश दिए तथा तीन दिनों के भीतर प्रगति साझा करने को कहा। इस अवसर पर श्री रेनू ने बताया कि यूनिसेफ़ एवं CCR व NUSRL के सहयोग से सभी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों का सात चरणों में संवेदनशील कार्यक्रम किया जाना है, जिसका आज दूसरा चरण है।
कार्यक्रम की शुरुआत अनिरुद्ध सरकार (CCR, NUSRL) के स्वागत भाषण से हुई। इसके पश्चात श्री नरेंद्र शर्मा ने पूर्व प्रशिक्षणों से प्राप्त जानकारियों के माध्यम से कार्यक्रम के लिए माहौल तैयार किया। रांची से आए विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार ने बाल मनोविज्ञान की समझ पर प्रकाश डाला,जैसे- बच्चों के प्रमुख विकास चरण, व्यवहारिक पैटर्न और CICL बच्चो के लिए भावनात्मक ज़रूरतें। उन्होंने किशोर मामलों से निपटने के लिए भूमिका-निर्वाह/केस स्टडी/और उत्तेजनात्मक अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षण भी प्रसारित किया।
कार्यक्रम के मुख्य सत्रों में बाल विवाह, लैंगिक शोषण और विधि से संघर्षरत बच्चों (CCL) से जुड़े मामलों पर केस स्टडी आधारित अभ्यास करवाया गया, जिसका संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया। इसी कड़ी में श्री नरेंद्र शर्मा ने केस स्टडी आधारित अभ्यास में प्रतिभागियों के क्षमता आकलन एवं आगामी रणनीति पर समूह चर्चा की। इसके साथ ही केस आधारित प्रक्रिया पर छूटे हुए कड़ियों को विस्तार पूर्वक साझा किया गया। सत्र के दौरान श्री अनिरुद्ध सरकार ने पालक देखभाल और उसके बाद की देखभाल योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के मोहम्मद शमीम और पीसीआई इंडिया के सलाहकार श्री हिमांशु जेना भी उपस्थित रहे और उन्होंने इन मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन एसजेपीयू नोडल अधिकारी- चाईबासा ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को सशक्त करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ दूसरा चरण का सशक्तिकरण कार्यक्रम का समापन किया गया।

