विधानसभा शीतकालीन सत्र में अवधेश कुमार के सेवा काल पर सवाल खड़े किए जायेंगेंःसूत्र
अभियन्ता प्रमुख मनोहर प्रसाद को सीनियर होने के कारण ग्रामीण कार्य विभाग में प्रभारी मुख्य अभियंता बनाने वाली संचिका को मंत्री के द्वारा लटकाये रखने को लेकर शीतकालीन सत्र में उठ सकता है प्रश्न
सरवन कुमार ने अपने ऊंची पहुंच पैरवी के बल पर संचिका को मंत्रालय में ठंडे बस्ते में डलवा दिया
ये है अवधेश कुमार जो वर्षो से जमे हैं एक ही जगह पर
अवधेश कुमार के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, कभी भी विभाग के सचिव को न्यायालय के कटघरे तक पहुंच सकते हैं
ये है उंची पहूंच और पैरवी वाले श्रवण कुमार
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री भी है अवधेश कुमार बस में बना चर्चा का बिषय
santosh verma
रांची डेस्क ःझारखण्ड विधानसभा शीतकालीन सत्र में अवधेश कुमार की सेवा ग्रामीण कार्य विभाग में रहने को लेकर एवं ग्रामीण कार्य विभाग में जूनियर को सीनियर पद पर प्रभारी बनाकर सक्षम एवं वरीय अभियन्ताओं के मौलिक अधिकार के साथ खिलवाड़ करने को लेकर विपक्ष सवाल खड़ा करने वाली है. विदित हो झारखण्ड उच्च न्यायालय में भी सीनियर को नजर अंदाज़ कर जूनियर को बड़े बड़े पद पर प्रभारी बना दिया गया है. सूत्रों के अनुसार अवधेश कुमार के सेवा इतिहास के अवलोकन से स्पष्ट होगा कि कितने समय से ग्रामीण कार्य विभाग में वर्क्स में पदस्थापित हैं, दोनों विभाग के प्रधान सचिव के चाहेते रहें हैं, अवधेश कुमार की विशेषता यह है कि विभागों के मंत्री को अपने बस में रखते हैं और अधिकारी अवधेश कुमार के हित में यानी मन चाहे ट्रांसफर पोस्टिंग करतें हैं. अवधेश कुमार के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, कभी भी विभाग के सचिव को न्यायालय के कटघरे तक पहुंच सकते हैं. सूत्रों के अनुसार शीतकालीन सत्र में सितम्बर माह में स्थापना समिति के द्वारा अभियन्ता प्रमुख मनोहर प्रसाद को ग्रामीण कार्य विभाग का मुख्य अभियंता का प्रभारी के लिए संचिका मंत्री को भेजा गया था, लेकिन सरवन कुमार ने अपने ऊंची पहुंच पैरवी के बल पर संचिका को मंत्रालय में ठंडे बस्ते में डलवा दिया है, इस मामला में भी विपक्ष सवाल करने वाला है.


