प्रभारी पर प्रभारी बनाने की परिपाटी से वरीयता पर कुठाराघात और मौलिक अधिकार हनन का मामला झारखण्ड के सभी विभागों में बढ़ता जा रहा है
santosh verma
Chaibasaःप्रभारी पर प्रभारी बनाने की परिपाटी से वरीयता पर कुठाराघात और मौलिक अधिकार हनन का मामला झारखण्ड के सभी विभागों में बढ़ता जा रहा है. तकनीकी विभाग और प्रशासनिक महकमा में जूनियर को सीनियर के ऊपर बैठाना और अनुबंधित कर्मी को स्थायी कर्मी से ऊपर रखने का एक भ्रस्टाचार का नया रूप देखने को मिल रहा है.जबकि स्थाई कर्मी को नन वर्क्स में और अनुबन्ध कर्मी को वर्क्स में पोस्टिंग करने में सरकारी की दिलचस्पी देखने को मिल रही है. ऐसे सैकड़ों उदहारण सभी विभागों में हैं. यहां तक जूनियर को सीनियर बनाने का मामला झारखण्ड उच्च न्यायालय में लगातार याचिका दायर की जा रही है, विभागीय अधिकारियों को न्यायालय का चक्कर लगाने पड़ रहें हैं.
