अवैध खनन और लौह अयस्क की ढुलाई का मामला कोल्हान से निकल कर रांची के रास्ते दिल्ली तक पहुंच गई है, अब देखना है कि भाजपा इस सुलगते हुए मुद्दे की आंच पर राजनीतिक रोटी सेंकने में अपना हाथ तो नहीं जला बैठेगी

 अवैध खनन और लौह अयस्क की ढुलाई का मामला कोल्हान से निकल कर रांची के रास्ते दिल्ली तक पहुंच गई है, अब देखना है कि भाजपा इस सुलगते हुए मुद्दे की आंच पर राजनीतिक रोटी सेंकने में अपना हाथ तो नहीं जला बैठेगी







अवैध खनन का सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका दायर करने की चर्चा जोरों पर

अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों पर मालिक सहित एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के पीछे जामदा के चर्चित माइनिंग ठेकेदार यानी बिचौलिया का हाथ बताता जा रहा है

सीबीआई जांच होने से सबसे अधिक विभागों के आला अधिकारी का नाम और चेहरा सामने आने से इंकार नहीं?

अवैध खनन करने वाले गिरोह का संरक्षण रांची और कोलकाता में बैठे माइनिंग माफिया कर रहे हैं?

Chaibasa ः कोलहान प्रमंडल के पश्चिमी सिहभूम जिले के नोवामुण्डी बड़ाजामदा में हो रहे अवैध माइनिंग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है .वहीं नोवामुण्डी रेलवे साइडिंग पांच नबंर से हो रहे  अवैध खनन को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के द्वारा चलाये गए अवैध माइनिंग रोकथाम अभियान के दौरान 13 अक्तुबर की रात्री पूर्व मुख्यमंत्री श्री कोड़ा के द्वारा 10 लोग सहित तीन हाईवा में लदे आयरन ओर व छह खाली हाईवा व ट्रेलर तथा एक जेसीबी व एक पेलोडर नोवामुण्डी रेलवे साईडिंग से पकड़ कर नोवामुण्डी थाना प्रभारी को रंगे हाथ सौंपा गया था लेकिन करीब आठ दिन बित जाने के बाद भी स्थानिय थाना प्रभारी द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किया और ना ही माईनिंग विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई की गई जिससे चर्चा का बिषय बना हुआ है की जब पूर्व सीएम के द्वारा पकड़े गए वाहनों और लोगों के बिर् रूद्द थाना प्रभारी के द्वारा कार्यवाई नहीं की जा रही है तो आम जनता का किया हाल होगा इससे अंदाजा लगा सकते है. लेकिन अब अवैध खनन का सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका दायर करने की चर्चा जोरों पर. अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों पर मालिक सहित एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के पीछे जामदा के चर्चित माइनिंग ठेकेदार यानी बिचौलिया का हाथ बताता जा रहा है. वहीं अवैध खनन करने वाले लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के भी नजदीकी शामिल होने की चर्चा है. 

वर्तमान सरकार में अवैध खनन का होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, मधु कोड़ा के समय में भी अवैध खनन और लौह अयस्क की अवैध ढुलाई का मामला सुर्खियों में रहा है. सरकार जिसकी भी रहेगी, ठीकरा उसी के सर फूटता है. अवैध खनन करने वाले गिरोह का संरक्षण रांची और कोलकाता में बैठे माइनिंग माफिया कर रहे हैं. इधर मधु कोड़ा के द्वारा लंबे समय से चल रहे अवैध खनन की धड़ पकड़ करने से माइनिंग माफिया के रडार पर आ गए हैं.अवैध खनन और लौह अयस्क की ढुलाई का मामला कोल्हान से निकल कर रांची के रास्ते दिल्ली तक पहुंच गई है, अब देखना है कि भाजपा इस सुलगते हुए मुद्दे की आंच पर राजनीतिक रोटी सेंकने में अपना हाथ तो नहीं जला बैठेगी.राजनीतिक हासिये पर खड़ी कोड़ा दंपति की राजनीतिक को फिर से एक बार अवैध खनन का मामला में खड़े होने का अवसर मिल सकता है या नहीं, यह सवाल बहुत अहम है. झारखण्ड में अवैध खनन का मामला सभी सरकारों में सामने आया है, लेकिन अब तक सबसे ज्यादा संलिप्तता से इंकार नहीं किए जाने वाले खनन विभाग, वन विभाग और पुलिस विभाग के आला अधिकारी बचते रहे हैं.सीबीआई जांच होने से सबसे अधिक विभागों के आला अधिकारी का नाम और चेहरा सामने आने से इंकार नहीं किया जा सकता है.पूर्व मुख्यमंत्री श्री कोड़ा के नजदीकी सूत्रों के अनुसार सीएम हॉउस से नेटवर्क जुड़ा है अवैध खनन का मामला.जबकी श्री कोड़ा के द्वारा अवैध खनन के मामले को लेकर नोवामुण्डी थाना प्रभारी व जिला खनन पदाधिकारी के बिरूद्द कार्रवाई करने को लेकर एसपी को पत्राचार कर चुके हैं

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