चाईबासा: शनिवार देर शाम को झारखंड मजदूर संघर्ष संघ किरीबुरु और सेल प्रबंधन किरीबुरु के बीच अहम बैठक हुई। यह बैठक करीब डेढ़ साल बाद हुई। इस में पूर्व में दिये गए सभी चैटर ऑफ डिमांड की कुछ खास मुद्दे पर गहन चर्चा हुई, जिसमे ठेका श्रमिकों का समान कार्य के लिए समान भत्ता, ठेका श्रमिकों को आवास सुविधा, रात्रि पाली में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों को रात्रि पाली भत्ता बोकारो और गुवा खदान के भांति भुगतान करना, सीक लेवल सीएल आदि छूटी प्रदान करना तथा ठेका श्रमिकों को किरीबुरु अस्पताल में गुवा के भांति प्रदान करना आदि पर चर्चा हुई।
सेल प्रबंधन ने इसे यथा शीघ्र उच्च अधिकारी से अप्रूवल लेकर किरीबुरु खदान में लागू करने पर सहमति जताई। इसका कार्यभार उप प्रबंधक एच आर को दिया गया। समान कार्य पर समान वेतन के लिए ठेका श्रमिकों की विभगाध्यक्ष से कार्य प्रणाली की सूची प्रस्तुति कर इस पर कार्य किया जाने की सहमति सीजीएम कमलेश राय ने दी। उसी प्रकार किरीबुरु अस्पताल में चिकित्सकों की कमी व्यवस्था पर भी गहन चर्चा हुई। स्त्री रोग विशेषज्ञ की अवश्यकता पर पूरे बैठक में छाया रहा। चर्चा में डॉ मधु सुधन दास ने भाग लिया।
अल्ट्रासाउंड और ब्लड बैंक पर भी चर्चा के साथ रेफर पर अधिक जोर दिया गया। सीजीएम कमलेश राय ने कहा मैंने किसी का रेफर नहीं रोकता। इस पर महामंत्री राजेंद्र सिंधिया ने कहा एक एक कर्मी अपनी समस्या को लेकर आना पड़े तो वह काम क्या करेंगे। सभी को मालूम है अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। रेफर क्यों नहीं किया जाता है। जीवन एक बार मिलता है इस पर खिलवाड नहीं करना चाहिए। प्रबंधन सेल किरीबुरु ने अस्पताल को हिदायत दी, किसी की जान अनमोल है, इस पर ध्यान दिया जाए। अस्पताल में सुविधा नहीं है तो रेफर तुरंत किया जाए। साथ ही अनेक सदस्यों ने भी कहा अगर एक डॉक्टर प्रीकैप्शन लिखता है तो मेडिसिन काउंटर मे उच्च चिकित्सक की हस्ताक्षर पर सवाल उठाया गया।
इस पर सीजीएम कमलेश राय ने अस्पताल को तुरंत इसे बंद करने की हिदायत दी। और सोमवार को अस्पताल में बैठक कर इस प्रक्रिया को बंद करने की आदेश दिया। दो तीन दिनों से किरीबुरु खदान में कर्मचारीयों उपस्थिति दर्ज करने पर आ रही समस्या पर बात हुई। लेट मे आने वाले कर्मचारीयों का उपस्थिति नही हो रहा था।
सहायक महाप्रबंधक एचआर के अदेशानुसार यह कार्य किया जा रहा है। पहले लेट से आने पर विभाग से अटेंडेंस रेगुलेशन लिखकर देने पर अटेंडेंस बन जाता था। अब नहीं हो रहा है। ऑपरेटर कमी, विभाग में कर्मचारी की कमी उत्पादन पर असर डाल रहा है या पड़ने वाला है। इस पर जल्द से जल्द कार्य करने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर उप महाप्रबंधक अमित विश्वास ने कहा टाइम कीपर का काम है जो कर्मचारी जब आता है उस वक्त को रिकॉर्ड करना है, उसे कार्ड लेने से मना नहीं करना है। लेट पंच पर पैसा कटेगा या नहीं बाद में देखा जाएगा। टाइम कीपरों को कहा जो जिस समय आयेगा उस वक्त को कार्ड में मेंशन कीजिए।


