पश्चिमी सिंहभूम जिला के विकास और कल्याण के लिए DMFT फंड की अरबों राशि बैंक की शोभा और सूद की राशि बढ़ा कर जिला प्रशासन अपने ही पीठ को थपथपाते नजर आ रही है

पश्चिमी सिंहभूम जिला के खनन प्रभावित छेत्र के DMFT सदस्यों से योजनाओं की अनुशंसा नहीं लेने से सही योजनाओं का चयन नहीं हो रहा है

जिला प्रशासन सिर्फ पीसीसी सड़क का स्वीकृत कर विकास का ग्राफ बढ़ा रहे हैं

DMFT फंड बैंक की शोभा बढ़ाने और सूद की राशि बढ़ा कर विकास का गाथा लिख रही है

PMKKKY/DMFT की मार्गदर्शिका का उल्लंघन कर योजना की स्वीकृति दी जा रही है, उच्च प्राथमिकता वाली योजना का चयन नहीं किया जा रहा है

ग्रामीण कार्य विभाग के संवेदकों के प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से DMFT फंड को ट्रांसफर करने और भुगतान करने के लिए मेमोरेंडम तैयार कर रहे हैं

स्वास्थ्य और शिक्षा की बदहाली पर जिला प्रशासन ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें

उच्च प्राथमिकता वाली योजना को खनन प्रभावित छेत्र में लागू करने की आवश्यकता है


चाईबासा/संतोष वर्मा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के विकास और कल्याण के लिए DMFT फंड की अरबों राशि बैंक की शोभा और सूद की राशि बढ़ा कर जिला प्रशासन अपने ही पीठ को थपथपाते नजर आ रही है. हां वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन DMFT फंड की करोड़ों राशि बैंक में पड़ा हुआ है. जहां एक ओर अन्य विभाग में राशि के अभाव में चालू योजना दम तोड़ रही है, यूं कहा जा सकता है कि ग्रामीण कार्य विभाग में राशि नहीं रहने के कारण संवेदकों को भुगतान के लाले पड़े हुए हैं. 

ग्रामीण कार्य विभाग की चालू योजना में संवेदकों को भुगतान नहीं हो रहा है, वहीं जिला प्रशासन के पास अरबों राशि रहने के बाद भी योजना में खर्च नहीं कर पा रही है. विकास हित में जिला में उपलब्ध DMFT फंड की राशि ग्रामीण कार्य विभाग की योजना में दे कर अधूरे कार्यों को पुरा कराने पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है.

जिला प्रशासन खनन प्रभावित छेत्र में कल्याण और विकास कार्य को करने में विफल साबित हो रही है.PMKKKY और DMFT के मार्ग दर्शिका को नज़र अंदाज़ कर जिला प्रशासन अपनी स्वार्थ नीति को पुरा करने में लगी हुई है. विधान सभा चुनाव से पहले स्वीकृत योजना को शुरू कराने में जिला प्रशासन विफल है. छह महीने गुजरने के बाद भी आज तक कार्यकारी एजेंसी जिला प्रशासन के लिए कमिशन वसुली में लगी है. पूर्व डीसी अनन्या मित्तल के कार्यकाल में जिला का विकास का ग्राफ काफ़ी ऊंचा रहा, यहां तक कहा जा सकता है कि कमिशन और घूसखोरी पर पाबंदी लगी हुई थी. आज जिला प्रशासन अपनी कुर्सी के लिए भ्रष्टाचार की गंगा में डूबी हुई है.

शिक्षा और स्वास्थ्य की अत्यंत दयनीय व्यवस्था को जिला प्रशासन सुधारने में कोई ध्यान नही दे रही है, मात्र पीसीसी सड़क की स्वीकृति दे कर DMFT के कोलम को पूरा कर रही है. सूत्रों की माने तो एक गैर सरकारी संस्था जिला में DMFT की योजना स्वीकृति में अनियमितता बरते जाने को लेकर तथा खनन प्रभावित छेत्र को उच्च प्राथमिकता नहीं देने के विषय पर जन हित याचिका दायर की जाएगी. जिला में मागे पर्व शुरू हो गया है, लेकिन बाजार में आर्थिक संकट देखने को मिल रहा है.

ग्रामीण कार्य विभाग में फंड नहीं रहने के कारण योजना कार्य ठप है, वहीं जिला प्रशासन के पास अरबों राशि है, लेकिन योजना कार्य धरातल पर कहीं नहीं है, जिसके कारण मजदूर और सामग्री धुलाई करने वाले को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे बाज़ार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है, जिसपर जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है.

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