Murder of journalist in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में खोजी पत्रकार की हत्या अत्यंत निंदनीय: एनयूजेआई

पत्रकार हत्या मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले: रास बिहारी


चाईबासा/संतोष वर्मा: नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादी मुठभेड़ के बाद अपहृत सीआरपीएफ कर्मियों की रिहाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने वाले 28 वर्षीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की कड़ी निंदा की है। रास बिहारी ने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से पत्रकार जगत मर्माहत है और यह एक अत्यधिक दुःखद समाचार है। एनयूजेआई अध्यक्ष ने दिवंगत पत्रकार के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनको इस असह्य दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

विदित हो कि मृतक पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव शुक्रवार को एक ठेकेदार की संपत्ति पर बने सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया। पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया है और कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पत्रकार मुकेश चंद्राकर से लापता थे। उनकी गुमशुदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और शुक्रवार को उनकी लाश ठेकेदार की संपत्ति से बरामद की। मुकेश चंद्राकर ने 2021 में बीजापुर में माओवादी मुठभेड़ के बाद अपहृत सीआरपीएफ कर्मियों की रिहाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसे लेकर वे काफी चर्चित रहे।

हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। मुकेश चंद्राकर एक अनुभवी और साहसी पत्रकार थे जिन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर, पर गहरी और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की। 2021 में बीजापुर में मुठभेड़ के बाद माओवादियों द्वारा अपहृत सीआरपीएफ कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास की रिहाई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

इस मामले में राज्य पुलिस ने उनकी भूमिका की सराहना की थी। मुकेश ने नक्सली हमलों, मुठभेड़ों, और बस्तर के सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर व्यापक रिपोर्टिंग की थी। उनकी पत्रकारिता ने इस क्षेत्र की जटिलताओं और समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने में मदद की। उनकी साहसिक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए उन्हें व्यापक रूप से सम्मानित किया गया।

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