अवैध खनन का मामला सेंट्रल इंटेलीजेंस के पास पहुंचा, खनन विभाग, वन विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर नजर

अवैध खनन करने वाले माफिया और ट्रांसपोर्टर सूत्रों के हवाले से बड़ा खुलासा CM हाउस सेट है, डरने की कोई बात नहीं है

खनन माफिया एक ईमानदार पुलिस अधीक्षक को हटाने की कोशिश में लगे है, पुर्व SDPO को जिला का नया कप्तान बनाने के लिए तीन करोड़ का फंडिंग तैयार किए जाने की सुचना: सुत्र


रांची डेस्क/संतोष वर्मा: खनन माफिया वर्तमान पुलिस अधीक्षक को हटाने की कोशिश में लगे, पुर्व SDPO को जिला का कप्तान बनाने के लिए अवैध खनन करने वाले और अवैध धुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों की टीम तीन करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा करने में जुटे हैं। सूत्रो की माने तो अवैध खनन करने वाले जामदा के माफिया गिरोह ने झामुमो के कद्दावर नेता पुर्व मंत्री से वर्तमान SP को हटाने का दबाव बनाने में लगे हैं।

किरीबुरू के पुर्व SDPO को जिला का कप्तान बना कर बंद पड़े सरकारी और और बंद पड़े प्राइवेट खदानों से अवैध खनन करने की योजना बनाई गई है। इस खेल में नोवामुंडी के एक बड़े ट्रांसपोर्टर और जामदा के ट्रांसपोर्ट की संलिप्तता बताई गई है। वर्तमान में पुलिस अधीक्षक के डर से चोरी चुपके खनन जारी है, स्थानीय पुलिस प्रशासन और खनन विभाग के साथ साथ वन विभाग के अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में आ रही है।

सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार ने जामदा और बड़बिल में एक गोपनीय टीम प्रशासन की गतिविधि की रिपोर्टिंग कर रहे हैं जो सेंट्रेल इंटेलीजेंस को भेजी जा रही है। नौवामुंडी थाना, जामदा थाना छेत्र मुख्य केंद्र बिन्दु के रूप में चिह्नित किए गए हैं।

भारत सरकार अपने राजस्व हानि को गंभीरता से ले रही है। जिला के IAS और IPS केंद्र के गृह मंत्रालय और खनन मंत्रालय के निशाने पर है। एक बार फिर से पश्चिमी सिंहभूम जिला खनन घोटाला के समय को ताजा कर दिया है, साथ ही खनन माफिया की सक्रियता बढ़ते हुए देखा जा रहा है। बाहरी लोगों का रात्रि में आवाजाही शुरू हो चुकी है।

खनन माफिया के एक सुत्र डंके की चोट पर कहते हैं कि CM हाउस सेट है, किसी से डरने की जरूरत नहीं है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि खनन माफिया का मनोबल किस तरह बढ़ा हुआ है। लिगल प्लॉट पर अन लिगल लौह अयस्क रखा जा रहा है, इस अवैध खनन में क्रशर मालिक की मिलीभगत से इनकार नहीं कर सकते हैं। गुवा, जामदा और नोवामुंडी के सात सक्रिय खनन करने वाले लोग की निगरानी सेंट्रल डिपार्टमेंट के लोग कर रहे हैं।

वहीं माफिया सरगना अपनी सिनेडिकेट कोलकाता से चलाने की बात सामने आ रही है, जिसका तार राजधानी रांची से जुड़े होने की बात कही जा रही है। इस अवैध खनन में राजनीतिक गरमाती जा रही है। पच्चीस साल में सत्ता से बेदखल हो गए कोड़ा दंपति के लोग वर्तमान राजनीतिक परिवेश में अपनी राजनितिक छाया की तलाश में हैं।

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