जल संसाधन विभाग में अवधेश कुमार को रेगुलर मुख्य अभियंता बनाने की तैयारी में जुटी है
आठ अभियंता को मुख्य अभियंता बनाने की संचिका तैयार की जा रही थी, लेकीन अचानक से आठ अभियंता के जगह नौवां नाम भी जुड़ जाने की सुचना मिल रही है, जिसकी चर्चा जल संसाधन विभाग से ज्यादा ग्रामीण कार्य विभाग में हो रही है।
हां यह नौवां नाम अवधेश कुमार का है,जो जल संसाधन विभाग के मंत्री को एक माफिया ठिकेदार के माध्यम से मैनेज किए जाने की पक्का खबर सामने आया
चाईबासा/संतोष वर्मा: जल संसाधन विभाग में अवधेश कुमार को रेगुलर मुख्य अभियंता बनाने की तैयारी में जुटी है। सूत्रों की माने तो आठ अभियंता को मुख्य अभियंता बनाने की संचिका तैयार की जा रही थी, लेकीन अचानक से आठ अभियंता के जगह नौवां नाम भी जुड़ जाने की सुचना मिल रही है, जिसकी चर्चा जल संसाधन विभाग से ज्यादा ग्रामीण कार्य विभाग में हो रही है। हां यह नौवां नाम अवधेश कुमार का है, जो जल संसाधन विभाग के मंत्री को एक माफिया ठिकेदार के माध्यम से मैनेज किए जाने की पक्का खबर सामने आया है। अवधेश कुमार सेवा निवृत्त होने तक ग्रामीण कार्य विभाग में सेवा देने के लिए मुख्यमंत्री तक सेटिंग गेटिंग में लगे हुए हैं। ऐसा लगता है कि निकट समय में बिरेंद्र राम के सभी मामले में आगे निकल जायेंगें।
सूत्रो के अनुसार जो चर्चा है कि संजीव कुमार लाल और आलमगीर आलम की काली कमाई के बारे में अवधेश कुमार को राजदार के रूप में देखा जा रहा है। जिस का खुलासा बहुत जल्द होने की संभावना है। ग्रामीण कार्य विभाग में एक दसक में अवैध वसूली कर करोड़ो की अकूत संपत्ति अर्जित करने का मामला में आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित किए जाने की जांच कराने के लिए याचिका दाखिल करने की तैयारी आदिवासी संगठन के द्वारा किया जा रहा है।आदिवासी संगठन दोनो विभाग को पार्टी भी बना सकते हैं, कियूंकि एक दशक से अधिक समय तक किसी विभाग में सेवा किस नियम आधार पर किया जा रहा है।
ग्रामीण कार्य विभाग में ग्रामीण विकास विशेष के प्रभारी मुख्य अभियंता अवधेश कुमार पर जल संसाधन विभाग की मेहरबानी रहने से अन्य विभाग में सेवा देने और वापस लेने की नियम को शिथिल किया गया है। कितने समय तक किसी विभाग में सेवा दिया जाता है, इसपर कोई नियम शर्त अवधेश कुमार के लिए लागू नहीं है। ऐसा लगता है कि अवधेश कुमार ग्रामीण विकास विशेष के मुख्य अभियंता के पद को बहुत जल्द रजिस्ट्री कराने की सोच रहे हैं। सूत्रो के अनुसार अवधेश कुमार के माफिया ठिकेदार समर्थक यहां तक दावा करने लगे हैं कि अब ग्रामीण कार्य विभाग के ग्रामीण विकास विशेष के मुख्य अभियंता से सेवा निवृत्ति होगी।
सूत्र बताते हैं कि अवधेश कुमार की मजबूरी है कि संजीव कुमार लाल और आलमगीर आलम की इस विरासत को बनाएं रखना। सूत्रों के अनुसार संजीव कुमार लाल और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की अकूत संपत्ति का अता पता सिर्फ अवधेश कुमार को ही है। सूत्रो से यह भी जानकारी मिल रही है कि अवधेश कुमार जांच एजेन्सी को मैनेज कर लिए हैं, इसी कारण से पहले की तरह बिरेंद्र राम स्टाईल में निविदा मैनेज और कमिशन वसुली फिर से मुख्य अभियंता कार्यालय में शुरू हो गया है।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिल रही है कि दोनो विभाग के मंत्री के विधानसभा चुनाव का भार उठाने की शर्त पर सेवा वापस नहीं लिया जाएगा, साथ ही मुख्य अभियंता बने रहेंगे। प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता के हवाले से बताया गया कि भाजपा इस मामला को तुल देना की योजना बना रही है, साथ ही आदिवासी अभियंता का मुद्दा उठाया जाएगा।
वर्तमान समय में बिरेंद्र राम के बाद अवधेश कुमार कांग्रेस पार्टी का फाइनेंसर बनाए गए हैं, इसी कारण से विभागीय मंत्री इरफ़ान अंसारी अवधेश कुमार पर मेहरबान हैं। इसी माह ग्रामीण कार्य विभाग में कई जनहित याचिका दायर किए जाने की भी चर्चा है, जल संसाधन और ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को पार्टी बनाने और कैश कांड केस में अवधेश कुमार को आरोपी बनाए जाने का भी रिट याचिका दायर होने की संभावना है।
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Chaibasa
Chief Engineer of Rural Works Department
DC Office - Chaibasa
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JHARKHAND
PASCHIMI SINGHBHUM
