प्रबंधन ने जांच से बचने के लिए टाल मटोल किया और जांच में सहयोग नहीं दिया रूंगटा प्रबंधनः जॉन मिरन मुण्डा

श्रम अधीक्षक ने एचआर से कहा कि आप अनलोडिंग मजदूरों को और ठेकेदार को बुलाकर बयान दर्ज कराएं

झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के द्वारा रूंगटा प्लांट चालीयामा में कार्यरत अनलोडिंग मजदूरों को सही मजदूरी नही मिलने, पीएफ, बोनस घोटाला आदि मांगो पर श्रम अधीक्षक सरायकेला के द्वारा जांच के लिए रूंगटा प्लांट गए जिसमे यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा भी शामिल हुए


चाईबासा/संतोष वर्मा: झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के द्वारा रूंगटा प्लांट चालीयामा में कार्यरत अनलोडिंग मजदूरों को सही मजदूरी नही मिलने, पीएफ, बोनस घोटाला आदि मांगो पर श्रम अधीक्षक सरायकेला के द्वारा जांच के लिए रूंगटा प्लांट गए जिसमे यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा भी शामिल हुए। श्रम अधीक्षक ने एचआर से कहा कि आप अनलोडिंग मजदूरों को और ठेकेदार को बुलाकर बयान दर्ज कराइए। प्रबंधन ने जांच से बचने के लिए टाल मटोल किया और जांच में सहयोग नहीं दिया। जांच में सहयोग नहीं मिलने पर श्रम विभाग वापस लौट गए।


जॉन मिरन मुंडा ने रूंगटा प्रबंधन पर आरोप लगाया कि रूंगटा प्रबंधन मजदूरों का हक मार रहा है। रूंगटा प्रबंधन जांच में सहयोग नहीं किया जिससे साफ होता है कि यहां मजदूरों को गुलामों की तरह काम लिया जाता है। आज रूंगटा प्रबंधन टाटा कंपनी के बराबर खड़ा हो चुका है। टाटा कंपनी और रूंगटा दोनो आज यहां का लोह अयस्क पर खनन कर देश दुनियां में अमीर हो गए। रूंगटा कभी राजस्थान से लोटा लेकर आए आज देश दुनियां में अमीर हो गए लेकिन यहां के मजदूर आदिवासी लूटा गए। रूंगटा प्रबंधन अंग्रेजो की तरह शोषण कर रहे हैं और इसमें जेएमएम की सरकार और चंपई सोरेन जी पूरा साथ दे रहे हैं लेकिन हमारा यूनियन मजदूरों का आवाज को उठायेगा। कंपनी में 75% स्थानीय लोगों को रोजगार की गारंटी, मजदूरों को कम से कम 600रु मजदूरी, मेडिकल, बोनस,पीएफ और बस की सुविधा का मांग किया जायेगा।

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