ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में कार्यरत अंकित सिंह की मनमानी से तरस्त हैं, विभागीय मंत्री से होगी शिकायत

मुख्य अभियंता राम प्यारे माननीय लोगों की अनुशंसा पर आधारित डीपीआर को अंकित सिंह ने विभाग में जाने से रोका, विधायक नाराज़; अंकित सिंह की चलती के आगे मुख्य अभियंता हो रहे बौने साबित

राजीव लोचन के कार्यकाल में अंकित सिंह के द्वारा निविदा प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती जाने की भी चर्चा

चाईबासा/संतोष वर्मा: कौन है अंकित सिंह, जिसका रुतबा मुख्य अभियंता से भी ज्यादा है। हां यह वही अंकित सिंह है जिसकी चलती और तूती बोलती है चीफ ऑफिस में। करोड़ों कैश कांड में गिरफ्तार किए गए, जेल में बंद विभागीय मंत्री आलमगीर आलम के सचिव संजीव कुमार लाल के खासमझ खास रहें हैं अंकित सिंह।

सूत्रो की माने तो संजीव कुमार लाल की टीम में सबसे नजदीकी माने जाते थे, इस लिए ग्रामीण कार्य विभाग में अंकित सिंह की तूती बोलती है,योजना की स्वीकृति से लेकर संवेदक को कार्य आवंटित करने तक इनकी चाहने से होती है।

संजीव कुमार लाल के टेंडर प्रक्रिया को मैनेज और कमिशन वसुली करने का भी आरोप है, जिसकी चर्चा की चर्चा जोरों पर है। अंकित सिंह जैसे संजीव कुमार लाल के नजदीकी पर ईडी की पैनी नजर होने की बात कही जा रही है। सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में अंकित सिंह की कार्यशैली काफ़ी चर्चा में हैं। हां माननीय लोगों की अनुशंसा पर डिवीजन से आया डीपीआर को रोक दिया है, मुख्य अभियंता के कहने पर भी विभाग में नहीं भेजा गया है।

इस संबंध में एक विधयक के द्वारा मंत्री से अंकित सिंह के पूर्व की गतिविधि की जानकारी देंगें। सूत्रो के अनुसार साथ ही हटाने की भी मांग कर सकतें हैं।

ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में कार्यरत अंकित सिंह की मनमानी से तरस्त हैं मुख्य अभियंता राम प्यारे माननीय लोगों की अनुशंसा पर आधारित डीपीआर को अंकित सिंह ने विभाग में जाने से रोका, विधायक नाराज़।अंकित सिंह की चलती के आगे मुख्य अभियंता बौने साबित हो रहें हैं।

आचार संहिता से पहले हुए निविदा को आर्थिक स्वार्थ सिद्ध के लिए सीएस लम्बित रखने की भी शिकायत मंत्री से की जाने की संभावना। राजीव लोचन के कार्यकाल में अंकित सिंह के द्वारा निविदा प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती जाने की भी चर्चा।

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