कौन है संजय कुमार सिंह जिसका रितुबा और रौब के आगे शिकायत पर भी नहीं होती जांच और कार्रवाई

संजय कुमार सिंह के आदेश के बिना किसी कनीय अभियंता का हिम्मत नहीं है कि किसी संवेदक का बिल बना दे

आसन विधानसभा में आचार संहिता के तहत हटना तय माना जा रहा है, इसलिए जाते जाते संवेदकों को परेशन कर कमिशन वसुली करने की चर्चा है

संवेदकों की टीम विभाग में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने की मना लिए है, संजय कुमार सिंह के खिलाफ सामाजिक संगठन के द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति की जांच का मामला माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर सकते हैं


चाईबासा/संतोष वर्मा: ग्रामीण कार्य विभाग में जिस तरह टेंडर मैनेज और कमिशन वसुली का बाज़ार गरम था, उसी तरह ग्रामीण कार्य विभाग के कार्य प्रमंडल चाईबासा में संजय कुमार सिंह अवर प्रमंडल पदाधिकारी नोवामुंडी का भी है। डिवीजन में कार्यपालक अभियंता से जायदा रौब और रुतबा है। हाल के दिनों में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को संजय कुमार सिंह के खिलाफ में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन संजय कुमार सिंह अपने ऊंचे पहुंच और पैरवी के बल पर शिकयत पत्र को ठंडे बस्ते में डलवा दिया।

वहीं एक सामाजिक संगठन ने भी आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायत महामाहिम राज्यपाल और विभाग के उच्च अधिकारियों से की है,जिसे संजय कुमार सिंह पुरे जांच को मैनेज कर लेने की सूचना प्राप्त हुई है। एक बार फिर से सभी शिकायत को पुनः दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता विचार कर रहे हैं। संजय कुमार सिंह के अधीन कार्यरत तथा खासमखास और राजदार रहे तत्कालीन कनीय अभियंता अभिलेष कुमार को शिकायतकर्ता ने हटवाने में सफल रहे हैं। संजय कुमार सिंह तीन साल से अधिक समय से यूं कहा जा सकता है कि चार साल से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं। ऐसे में आसन विधानसभा में आचार संहिता के तहत हटना तय माना जा रहा है, इसलिए जाते जाते संवेदकों को परिशन कर कमिशन वसुली करने की चर्चा है। संवेदकों की टीम विभाग में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने की सोच रहे हैं।

संजय कुमार सिंह के खिलाफ सामाजिक संगठन के द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति की जांच का मामला माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर सकते हैं,,याचिका में पूर्व में लिखित शिकयत पत्र की भी जिक्र किया जा रहा है। संजय कुमार सिंह के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयुक्त को भी लिखा जा चुका है,जिसे संजय कुमार सिंह ने मैनेज कर मामला को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

संजय कुमार सिंह ने अपने पुत्र गौरव कुमार सिंह को किस डोमोसेल पर किस जाति और स्थानीयता पर कनीय अभियंता के पद पर नियुक्त कराएं हैं, इसकी भी सरकार से जांच ऊच स्तरीय समिती से जांच कराने के चर्चा जोरों पर है। विदित हो कि गौरव कुमार सिंह मझगांव ब्लॉक में कार्यरत है। मझगाँव ब्लॉक के अधिकांश मुखिया गौरव कुमार सिंह के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं। संजय कुमार सिंह के सेवा पुस्तिका में सेवा इतिहास की भी जांच होगी। पश्चिमी सिंहभूम जिला में ही संजय कुमार सिंह क्यों पदस्थापित रहते हैं।

वहीं चर्चा यह भी है की संजय कुमार सिंह के पुत्र गौरव कुमार सिंह को किस स्थानीयता के अधार पर किस डोमिसेल पर कनीय अभियंता के पद पर नियुक्त किए जाने की भी जांच होगी। सुत्रों की मानें तो संजय कुमार सिंह पर आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कराया जा सकता है। 

सुत्र के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर संजय कुमार सिंह की सम्पत्ति की जांच की मांग की जाएगी। पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के द्वारा लिखत शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने की पुनः जांच की मांग विभागीय अधिकारियों से की जाएगी।

डिविजन में कार्यपालक अभियंता से अधिक रौब और रुतबा है संजय कुमार सिंह का है। संजय कुमार सिंह के आदेश के बिना किसी कनीय अभियंता का हिम्मत नहीं है कि किसी संवेदक का बिल बना दे।संवेदकों के द्वारा लाखों का कार्य किया गया है लेकिन संजय कुमार सिंह कनीय अभियंता को बिल बनाने पर रोक लगाने की बात कही जा रही है। सुत्र

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