हाल के दिनों में संवेदक की टीम अंचल कार्यालय में कार्यरत सुजीत पर एक करोड़ की निविदा में गलत ढंग से वसूली किए जाने का विरोध कर चुके हैं
चाईबासा/संतोष वर्मा : कौन है मनोहर प्रसाद,जिसकी तूती बोलती है जल संसाधन विभाग में।हां यह वही अधिक्षण अभियंता हैं,जहां निविदा घोटाला होने की चर्चा है। लघु सिंचाई विभाग के चाईबासा अंचल के अधिक्षण अभियंता ने एक करोड़ तक की निविदा में फेल संवेदक को पास करने तथा 4 प्रसेंट कमिशन वसुली किए जाने का मामला राज्यपाल तक पहुंचने की सूचना है। हाल के दिनों में संवेदक की टीम अंचल कार्यालय में कार्यरत सुजीत पर एक करोड़ की निविदा में गलत ढंग से वसूली किए जाने का विरोध कर चुके हैं।
वर्तमान समय में डीएमएफटी की योजनाओं में निविदा निष्पादन की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी किए जाने अर्थात निविदा घोटाला किए जाने की चर्चा जोरों से हो रही है।मनोहर प्रसाद पूर्व में जल पथ में कार्यरत थे,फिर अपने पहुंच और पैरवी से लघु सिंचाई अंचल चाईबासा में पदस्थापन करा लिए हैं।
चुनाव आयोग के तीन से चार साल तक एक ही जिला में पदस्थापित रहने का मामला भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराने की सूचना प्राप्त हो रही है। माननीय उच्च न्यायालय में भी आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के लिए जनहित याचिका दायर किया जा सकता है।
सुत्र के अनुसार मनोहर प्रसाद के समय में जितनी भी निविदा का निष्पादन किया गया है,सभी की सीएस की जांच उच्च स्तरीय जांच दल से कराने की आवश्यकता है।
