पश्चिमी सिंहभूम जिला के लघु सिंचाई विभाग, कार्य अंचल चाईबासा में संवेदक चयन प्रकिया में अनियमितता बरतने और संवेदकों से कार्य आवंटित किए जाने, यानी सीएस करने के नाम पर अधिक्षण अभियंता मनोहर प्रसाद के सहायक सुजीत के द्वारा लाखों की वसूली का मामला मुख्य सचिव तक पहुंचने की सूचना प्राप्त
चाईबासा/संतोष वर्मा : आखिर कौन है पश्चिमी सिंहभूम जिले के लघु सिंचाई विभाग में ऐसी मनोहर प्रसाद के सुपर मैन के नाम से जाने जाने वाले सुजीत जो गलत को सही और सही को गलत बनाने कर सीएस वसुली करने में हिमारथ हांसिल किए हुए है और सात साल से जमे है एक ही कुर्सी पर। जी हां पश्चिमी सिंहभूम जिला के लघु सिंचाई विभाग, कार्य अंचल चाईबासा में संवेदक चयन प्रकिया में अनियमितता बरतने और संवेदकों से कार्य आवंटित किए जाने, यानी सीएस करने के नाम पर अधिक्षण अभियंता मनोहर प्रसाद के सहायक सुजीत के द्वारा लाखों की वसूली का मामला मुख्य सचिव तक पहुंचने की सूचना प्राप्त हुई है।
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि डीसी से डीएमएफटी फंड की योजनाओं की रिपोर्ट मांगी जाने की संभावना है, साथ ही सीएस अनुमोदन पर गलत ढंग से लाखों की वसूली की गई राशि का मामला होने के कारण मंत्रिमंडल निगरानी विभाग को जांच करने का आदेश दिया जा सकता है। विदित हो कि लघु सिंचाई प्रमंडल में एक करोड़ तक कि योजना की निविदा में फेल संवेदक को पास करने का मामला सामने आया है, साथ ही अधिक्षण अभियंता के नाम पर वसूली करने वाले अंचल के सहायक कनीय अभियंता श्री सुजीत भारी कमिशन वसुली करने की चर्चा हो रही है। कनीय अभियंता श्री सुजीत इस प्रमंडल में सात साल से जमे हुए हैं।
मनोहर प्रसाद ने सारा जिम्मा सुजीत को दे रखा है,जिसके कारण संवेदक आल इन सोल सुजीत को ही मानते हैं। सात साल में कनीय अभियंता श्री सुजीत की संपत्ति का दायरा बढ़ने की सूचना मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार मनोहर प्रसाद की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति का राजदार सुजीत है। लघु सिंचाई प्रमंडल की एक करोड़ तक कि निविदा में गड़बड़ी किए जाने का मामला मुख्य सचिव तक पहुंचने की सूचना।
सुत्र की माने तो मनोहर प्रसाद के सहायक कर्मी सुजीत के द्वारा सीएस अनुमोदन के नाम पर वसूली करने की जांच मंत्रिमंडल निगरानी विभाग को सौंपी जाने की संभावना। सात साल में अवैध वसूली से सुजीत की संपत्ति बढ़ने की भी चर्चा जोरों पर है। लघु सिंचाई प्रमंडल चाइबासा के अधीन चक्रधरपुर अवर प्रमंडल में पदस्थापित सुजीत कुमार अधिक्षण अभियंता मनोहर प्रसाद के तकनीकी सहायक के रूप में प्रतिनियुक्ति पर हैं। जल संसाधन विभाग सुजीत कुमार पर इतना क्यों मेहरबान हैं की सात साल से अधिक समय तक स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है।
