कुजू नदी के तट पर आयता गांव में बिना पारंपरिक ग्रामसभा के सहमति से डीएमएफटी से स्नानघाट निर्माण कार्य का कार्यादेश नियम विरुद्धः शनि सिंकु


चाईबासा/संतोष वर्मा : कुजू नदी के तट पर आयता गांव में बिना पारंपरिक ग्रामसभा के सहमति से डीएमएफटी से स्नानघाट निर्माण कार्य का कार्यादेश नियम विरुद्ध है। और कहीं न कहीं यह डीएमएफटी के राशि का दुरुपयोग की तरह है। आयता गांव के ग्रामीणों के साथ स्नानघाट का भौतिक निरीक्षण करते हुए झारखंड पुनरूत्थान अभियान के मुख्य संयोजक सन्नी सिंकु ने कहा है। आगे सन्नी सिंकु ने कहा है कि 2015 में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याणकारी योजना अधिनियम बनने के बाद झारखंड सरकार ने 2017 में ही डीएमएफटी को अधिसूचित कर दिया है। तब से पश्चिम सिंहभूम जिला में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट की खूब चर्चा होती है। चर्चा डीएमएफटी की राशि का दुरुपयोग करने का होता है। जहां तक आयता गांव में स्नानघाट बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। 

स्थल निरीक्षण करने पर पता चला यह कहीं से भी व्यावहारिक नहीं है। जबकि आयता गांव में अभी भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गांव में जल नल कार्यक्रम के तहत घर घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं किया गया है। स्कूल में इकाई के अनुरूप शिक्षक नहीं है। उसी तरह से स्वास्थ्य उपचार के लिए गांव में स्वास्थ्य उपचार केंद्र अपेक्षित है। साथ ही मुंडा भवन और सामुदायिक क्लब भवन समय और परिस्थिति के साथ उपयोगी है। इसीलिए झारखंड पुनरूत्थान अभियान जिला प्रशासन से मांग करती है।

आयता गांव में डीएमएफटी से कल्याणकारी योजना ही सुनिश्चित करना है, तो जनकल्याणकारी, व्यवहारिक और उपयोगी योजना पर राशि खर्च किया जाना सुनिश्चित किया जाय। आयता गांव के कुजू नदी के तट पर डीएमएफटी से स्नानघाट निर्माण कार्य करने के लिए खुदाई करने वाले जेसीबी को ग्रामीणों द्वारा तब तक के लिए रोक दिया गया है जब तक गांव के पारंपरिक ग्रामसभा से लिखित सहमति नहीं लिया जाता है।

उस स्थल का भौतिक निरीक्षण करने में झारखंड पुनरूत्थान अभियान के जिला संयोजक पूर्व बैंक कर्मी अमृत मांझी, झारखंड पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष रेयान सामड, पूर्व सैनिक हरीश सामड, सायेब सामड, शैली शैलेंद्र सिंकु, लालसिंह गुदुआ, शंकर कुदादा शामिल थे।

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