चाईबासा : बड़ाजामदा सेक्टर के हाइवा व अन्य मालवाहक ट्रकों के मालिकों से अब नया अवैध टैक्स वसूली शुरू हो गई है। इस टैक्स के मांगे जाने से बड़ाजामदा क्षेत्र के झारखण्ड व ओडिसा रजिस्ट्रेशन वाले हाइवा मालिक काफी परेशान हैं। इस नये टैक्स से वाहन मालिकों से प्रतिमाह लगभग 5 से 6 लाख रूपये की अवैध वसूली शुरू हो गई है। कुछ वाहन मालिकों ने डरकर पैसा भी देना शुरू कर दिया है। कुछ अभी देने में असमर्थता जता रहे हैं, लेकिन परेशान सभी हैं।
इस अवैध नये टैक्स से परेशान कुछ हाइवा मालिकों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि झारखंड रजिस्ट्रेशन वाली प्रत्येक वाहन से डेढ़ हजार रूपये तथा ओडिसा रजिस्ट्रेशन वाली वाहनों से चार हजार रूपये मांगा जा रहा है। यह पैसा की मांग अवैध तरीके से झारखंड सरकार के दो विभाग के विशेष पदाधिकारियों की जा रही है। पैसा नहीं देने वाले वाहनों के खिलाफ गलत व फर्जी तरीके से कार्यवाही करने की भी धमकी दी जा रही है। इस धमकी से सभी वाहन मालिक परेशान व पीड़ित हैं।
वाहन मालिकों ने बताया कि बड़ाजामदा सेक्टर की सभी खदानें बंद होने से उनके सामने पहले से ही बेरोजगारी व वाहन का किश्त चुकाने की समस्या खड़ी है।क्षेत्र में सिर्फ टाटा स्टील की एक मात्र विजय-टू खदान चालू है। इससे हमारी वाहनें दिनभर में एक ट्रीप माल ढुलाई कर पाती है। इस खदान से महीना में मुश्किल से 15-20 दिन कार्य होता है। इस खदान से लगभग 253 वाहन वर्तमान में लौह अयस्क की ढुलाई करते हैं।
इसमें से लगभग 70-80 वाहन ओडिसा रजिस्ट्रेशन एवं बाकी झारखण्ड रजिस्ट्रेशन वाली हैं। महिना में लगभग 20 ट्रीप ढुलाई से जो पैसा मिलता है उससे वाहन का किश्त, चालक - खलासी का वेतन, वाहन का मेंटेनेंस आदि खर्च मिलाकर स्वयं के पास कुछ भी नहीं बचता है, बल्कि बाजार से उधार ही लेना पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से टाटा स्टील के खिलाफ जारी आंदोलन की वजह से सभी वाहनें खड़ी हैं।
