चाईबासा : आज भी लगभग तीन प्रतिशत गाँव में "हो" समाज का पारंपरिक मगे-पोरोब नही मनाया गया है। मगे-पोरोब के दौरान युवा वर्ग और गाँव के लोग मोडिफाई करके अश्लील शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जो समाज के लिए सांस्कृतिक मान्यता और आदर्श की प्रस्तुति नही है। जिसको नियंत्रण करने और समाज में जनजागरूकता फैलाने के लिए आदिवासी हो समाज युवा महासभा और नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोशिएसन की टीम ने तांतनगर प्रखंड के अंगरडीहा पंचायत अंतर्गत ग्राम चिमीसाई में जागरूकता अभियान चलायी।
एक-घर, एक कैलेण्डर अभियान के तहत आदिवासी हो समाज महासभा का पारंपरिक पर्व-त्योहार का कैलेण्डर लोगों के बीच बाँटा गया। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने समाज के लोगों को जानकारी दिया कि आदिवासी हो समाज महासभा के विगत महाधिवेशन के माध्यम से पूरे भारतवर्ष में "हो" समाज के बीच 24 फरवरी एवं उसके अंतराल में मगे पर्व मनाने के लिए अपील किया गया था। जिससे "हो" समाज का प्रमुख त्योहार मगे-पोरोब की एकरूपता तथा अंतराल राष्ट्रीय स्तर पर दिखने लगेगी। मगर सत्तर-अस्सी प्रतिशत गाँव में ही यह असर पड़ा है।
बाकी गाँव में जागरूकता फैलाने तथा मगे-पोरोब में मोडिफाई करके अश्लील शब्दों के इस्तेमाल पर रोकथाम को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा तथा नेशनल आदिवासी आदिवासी रिवाईवल एसोशिएसन व अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह गतिविधि चलाने का कार्य जारी है । बाकी गाँव को जगाने में ग्रामीण हमारा साथ दें । आदिवासी हो समाज युवा महासभा प्रदेश कमिटि के कोषाध्यक्ष शंकर सिधु,प्रदेश दियुरि सदस्य बबलू बिरूवा एवं नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोशिएसन के प्रतिनिधि ओएबन हेम्ब्रम ने आदिवासी हो समाज महासभा की सदस्यता लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
अभियान टीम ने "हो" भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए अगस्त माह के अंतराल में दोलाबु दिल्ली के तहत आदिवासी हो समाज युवा महासभा के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर जंतर-मंतर, नई दिल्ली में धरना-प्रदर्शन तथा आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की संसदीय कार्य-प्रणाली पर सेमिनार आयोजन के लिए समर्थन माँगी। ग्रामीणों ने सामाजिक और आर्थिक सहयोग देने की सहमति जतायी।
इस अवसर पर नारायण सिधु, छोटे सिधु, माले सिधु, मंगलसिंह सिधु, ससुराल सिधु, मोटाय सिधु, सोमवारी सिधु, शुरू सिधु, फूलमति सिधु, जेमा सिधु, बेटी सिधु, बिनीता सिधु, बिरंग सिधु, रीना सिधु आदि लोग मौजूद थे।

