पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं लोक सभा की प्रत्याशी श्रीमती गीता कोड़ा ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे शीश नवाकर माथा टेका

वैशाखी का त्योहार गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में बड़े उत्साह के साथ मना


चाईबासा : सिख साजना दिवस एवं वैशाखी का त्योहार गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। समुह साध संगत को श्री गुरू सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने वैशाखी की लख लख बधाइयाँ दी। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि वर्ष 1699 की वैशाखी के दिन पंजाब के अनंदपुर में श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा की साजना की। खंडे बाटे में अमृत बना कर पांच लोगों को अमृत पान कराकर खालसा बनाया। सभी को सिक्खी स्वरुप दिया। आज विश्व में कहीं भी हजारों की भीड़ में कहीं भी कोई सिख अपनी अलग पहचान एवं अपनी अलग वेशभूषा में नजर आता है वो श्री गुरु गोविंद सिंह जी की देन है।


उन्होंने जात पात का भेद भाव दूर करते हुए कहा कि "मानस की जात सभे एकै पहचानबो" ग्यारह अप्रैल को आरंभ किये गये श्री अखंड पाठ की सम्पूर्णता के उपरांत निशान साहिब का चोला बदल कर अरदास की गई। बच्चे बच्चियों के द्वारा कविता पाठ के उपरांत जमशेदपुर से आई बलजीत कौर एवं सतवंत कौर के कीर्तनी जत्थे ने अपनी मधुर आवाज में साज के साथ गुरवाणी के शब्दों से सभी का मन मोह लिया। 

समस्त साध संगत को गुरु चरणों से जोड़े रखा ।वैसाखी के इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं लोक सभा की प्रत्याशी श्रीमती गीता कोड़ा ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे शीश नवाकर माथा टेका। गुरुद्वारा के ग्रंथी बलदेव सिंह जी ने सभी की सुख शांति, चड़दी कला एवं देश मे अमन चैन के लिए वाहेगुरु की अरदास की। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से वाक लेकर कड़ाह प्रसाद वरताया गया। समुह साध संगत ने पंगत में बैठ कर गुरु के लंगर का आनंद लिया। 

वैशाखी के त्योहार को सफल बनाने में बलजीत सिंह खोखर, दलविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, रौनक सिंह खोखर, दीपक सिंह, तेज पाल सिंह, गगनदीप सिंह, आकाश सिंह, हरप्रीत सिंह, कमलजीत सिंह का सराहनीय सहयोग रहा।

Post a Comment

Do live your Comments here! 👇

Previous Post Next Post