आदिवासी उरांव समाज का अनोखा रस्म, गंदी शक्तियों से बचने व खुशहाल जीवन को व्यतीत करने हेतु घर-घर में लगाया गया छापा


चाईबासा : आज बुधवार को बान टोला अखाडा मे होली की पावन अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी खद्दी फग्गू सरहुल चाईबासा उरांव समाज के सातों अखाड़ा में परिवार की सुख समृद्धि, पढ़ाई-लिखाई, नौकरी, काम-धाम, लालन-पालन एवं मुहल्ले के प्रत्येक घर मे सभी तरह प्रकोप, दुख - तकलीफ को दुर करने हेतू मान्यता अनुसार चाला मंडप माँ सरना स्थल में पूजा-पाठ किया गया एवं मुहल्ले के प्रत्येक घर दिन भर घूम-घूमकर लाल व सफेद मिट्टी से घर की दरवाजा के दोनों ओर छापा मारने का रिवाज हैं, उसे किया गया। 


पुरखो से होते हुए आज भी बहुत ही हर्षोल्लास धूमधाम एवं पारम्परिक नाच-गान गाना.. लली-लली गईया के छोटे-छोटे हसुवा.. मोर गईया दुयो... मोर गईया दुयो देबे रे मोह.... ने.. मोर गईया दुयो देबे... के साथ बान टोला अखाड़ा ने भी नियम को पूरा किया।


इस अवसर पर समाज के पाहन (पुजारी) फागु खलखो सहयोगी पनभरवा, मंगरू टोप्पो, संजय कुजूर के अलावा मुख्य रूप से समाज के मुखिया लालू कुजूर, राजेन्द्र कच्छप, सीताराम मुण्डा, कृष्णा कच्छप, तेजो कच्छप, इन्द्रोदय कच्छप, रवि कुजूर, अजीत लकड़ा, बुधराम कोया, जगरनाथ कुजूर, (नीचे पढ़े)


रवि तिर्की, विश्वनाथ लकड़ा, राजु तिग्गा, जगरनाथ टोप्पो, प्रधान कच्छप, आकाश टोप्पो, इंद्रोदय कच्छप, कारण कच्छप, जुली कुजूर, बुचून लकड़ा, सुनील खलखो, बिरसा लकड़ा, छोटे कुजूर, सावन लकड़ा, मुन्ना मिंज, संजय तिर्की, राजु कुजूर, पवन टोप्पो, घांसी बरहा, गब्बर लकड़ा आदि उपस्थित थे।

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