एमआई के है सहायक अभियंता देखते है चाईबासा सदर व चक्रधरपुर प्रखंड के योजनाएं
चाईबासा/संतोष वर्मा : कौन है एमआई विभाग में अनिल कुमार जिन पर नहीं होती है चुनाव आयोग का निर्देश लागू,पांच साल से जमें है जिला में। जबकी चुनाव अयौग स्खत निर्देश है कि सरकारी बाबू हो या पदाधिकारी हो या अधिकारी या हो अभियंता यदी एक जिले में तीन साल से अधीक समय का कार्यकाल पुरा कर लिया हो तो उनका तबादला कर दिया जाय।लेकिन जिले के एमआई विभाग में पदस्थापित सहायक अभियंता अनिल कुमार पिछले पांच साल से यहां पदस्थापित है,लेकिन इनके लिए चुनाव आयोग का दिशा निर्देश नहीं होता है लागू।साथ ही इनके जिम्मे है चक्रधरपुर प्रखंड और जिला मुख्यालय कू सदर प्रखंड में चल रहें योजनाओं की देख रेख का जिम्मा।
इधर काम में बिना वजह खामिया निकाल कर संवेदकों को परेशान किये जाने की है खबर।इन दिनों जिला में जोर शोर से चर्चा है ठेकेदारों को परेशान करना और बिना बजह बिल रोकना इनकी नियती हो गई है. जी हां यह वहीं अनिल कुमार की बात हो रही है जो पिछले पांच साल से पश्चिमी सिंहभूम जिले के एमआई विभाग में है सहायक अभियंता और चाईबासा सदर और चक्रधरपुर प्रखंड में एमआई द्वारा चल रही संचालित योजनाओं को देखते है।
जबकी चुनाव आयोग का निर्देश है की जो भी सरकारी अधिकारी या पदाधिकारियों एक जिला में तीन साल से अधीक हो गया हो वैसे अधिकारी और पदाधिकारियों का तबादला कर दिया जाय लेकिन एमआई विभाग में पिछले पांच वर्षो से जमे सहायक अभियंता अनिल कुमार पर यह नियम लागु नहीं होती है।वहीं जिले में पांच पांच आईएस पदाधिकारी हैं फिर भी सहायक अभियंता अनिल कुमार को नहीं है भैय।
आखिर किसका संगरक्षण है प्राप्त अनिल कुमार को को जो निर्भिक होकर संवेदकों कर रहें है परेशान और जमें पांच साल से जिला में वहीं भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि पहले पीसी लिया जाता है फिर योजना का बिल पास किया जाता है.जो ठेकेदार पीसी नहीं देता है उसका काम में त्रुटी निकाल कर काम को रोक दिया जाता या फिर बिल को रोक दिया जाता है।इन सभी मामले को लेकर संवेदकों में भी आक्रोश व्याप्त है और उक्त सहायक अभियंता के बिरूद्द गोलबंध हो रहें है ठेकेदार. जिसकी शिकायत उपायुक्त से करने का मन बना लिए है।
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आखिर क्यों नहीं हो रही तीन साल पहले पूर्ण हूए योजना का बिल भुगतान
केश नबर 1 :- गुनावासा बड़दौड़ा हरीला नाला पर चेक डेम निर्माण कार्य तीन साल पहले पुरा हो चुका है,लेकिन कमिशन के चक्कर में फाईनल बिल का संवेदक को भुगतान नहीं कर रहा है।
केश नं 2 :- कुशमुण्डा डिन्डासाई नाला पर तीन अदद चेक डेम निर्माण का कार्य भी तीन साल पहले पूर्ण हो गया लेकिन भुगतान अब पक नहीं।
केश नं 3 :- एसमोड़ के समिप 1.6 किमी सड़क निर्माण काली करण है जिसका भुगतान नहीं किया डा रहा है।मुख्यालय में ना रहकर टाटा से आना जाना करता है जिसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज देखने पर मिल जायेगी।
