पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन होते तो चाईबासा का उपायूक्त जाधव विजया नारायण राव ही रहती, नहीं होता अधिसूचना रद्द, नमन पिरयेश लकड़ा को डीसी बनवाने का चल रहा था प्रयास?


चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला में झामुमो के अंदरूनी और आपसी खींचा तानी और गुटबाजी का यह आलम है की चंपई सोरेन सरकार को महज चार घंटा में पश्चिमी सिंहभूम के डीसी बनाई गई विजया जाधव के अधिसूचना को बदलने पर मजबुर होना पड़ा है। गौर तलब है जिला के सभी विधायक विजया जाधव को बदलने का दबाव बनाया गया है कियूंकी जोबा मांझी हेमन्त सोरेन को दिसम्बर महिना में ही विजया जाधव को पश्चिमी सिंहभूम का डीसी बनाने की मांग किए जाने की खबर सामने आई है। 

सूत्रों की माने तो हेमन्त सोरेन सरकार में ही आईएएस की ट्रान्सफर पोस्टिंग की लिस्ट बन चुकी थी,लेकिन अचानक राजनीतिक उठापटक के कारण साथ ही ईडी की करवाई होने तथा गिरफ्तारी से अधिसूचना नही निकल सका था।

धिसूचना के बदलने से जोबा मांझी को काफी झटका लगा है, सूत्रों की माने तो बकौल जोबा का कहना है कि हेमन्त जी रहते तो विजया जाधव डीसी पश्चिमी सिंहभूम होती। चर्चा यह था कि विगत एक साल से जिला के तीन विधायक नमन पिरयेश लकड़ा को डीसी बनवाने का प्रयास कर रहे थे,लेकिन तीनों विधायक का प्रयास सफल नहीं हो सका।

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