सरायकेला ( दीपक कुमार दारोघा ) : कला नगरी सरायकेला शहरी क्षेत्र में दक्षिणी छोर खरकाई नदी तट क्षेत्र में जगन्नाथ मंदिर के निकट से कुदरसाई तक बनेगी मरीन ड्राइव, पर्यटकों को मिलेगी सुविधा। विधायक सह मंत्री चंपाई सोरेन ने भी दे दी हरी झंडी।
जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों झारखंड सरकार के मंत्री चंपाई सोरेन के समक्ष जुडको लिमिटेड नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्राधिकृत रेडियंट कंसल्टेंसी के द्वारा सरायकेला शहरी क्षेत्र अंतर्गत महत्वाकांक्षी परियोजना मरीन ड्राइव का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
कंसल्टेंसी के टीम द्वारा नगर पंचायत सरायकेला के कार्यपालक पदाधिकारी राजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में स्थल भ्रमण कर सर्वेक्षण भी किया गया। इस सर्वेक्षण में मुख्यतः मरीन ड्राइव जगन्नाथ मंदिर से कुदरसाई तक है। मलिकबांध से आखड़ाशाल तक गाड़वाल सहित सड़क एवं नाली निर्माण सर्वेक्षण में शामिल है।
बताते चलें कि भौगोलिक दृष्टि से भले ही झारखंड में सरायकेला एक कस्बा प्रतीत होता हो मगर कला संस्कृति की दृष्टि से यह विश्व परिदृश्य में अपरिचित नहीं है। यह अपनी कला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
विश्व प्रसिद्ध सरायकेला छऊ नृत्य का रुतवा यह है कि यूनेस्को ने छऊ को 2010 में इनटेंजिबल कल्चरल हेरिटेज घोषित किया है।
भारत की अतुल्य धरोहर छऊ की धरती सरायकेला से सात कला पुरोधा महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सम्मान से अलंकृत हो चुके हैं। कभी प्रिंसली स्टेट के रूप में परिचित सरायकेला आज झारखंड राज्य में जिला मुख्यालय है। और सरायकेला शहरी क्षेत्र पर्यटनीय सुविधा से वंचित है।
विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने कहा कि मंत्री चंपाई सोरेन ने मरीन ड्राइव सहित कुल 6 योजनाओं का जिसकी प्रकलित राशि 150 करोड़ है का डीपीआर तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दी है। रेडियंट कंसलटेंसी शांतनु दास, सीनियर इंजीनियर तुहीन अहमद, आर्किटेक्ट अन्य कार्य में जुटे हैं।


