चाईबासा : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में सेल, गुआ खदान के सभी ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बीएसएल, सेल की बोकारो स्थित प्रशासनिक भवन में बीएसएल के कार्यपालक निदेशक (खान) जयदीप दास गुप्ता, कार्यपालक निदेशक (कार्मिक) राजन प्रसाद व अन्य अधिकारियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की. वार्ता का मुख्य मुद्दा पिछले दिनों गुवा खदान में योगदान देने आये नव नियुक्त सेलकर्मियों को योगदान नहीं दिया जाना एवं सेल, जेजीओएम की किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा व चिडि़या खदान में नहीं बहाली निकालना आदि शामिल है.
इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि वार्ता सकारात्मक रही. हमने सेल प्रबंधन के उच्च अधिकारियों को साफ कहा कि गुवा खदान के सेलकर्मी से लेकर आसपास के ग्रामीण व शिक्षित बेरोजगार सभी बाहर से आये नव नियुक्त सेलकर्मियों को गुवा में योगदान देने के खिलाफ हैं. इसके लिये सभी चरणबद्ध आंदोलन किये. बाहरी लोगों का योगदान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मधु कोडा़ ने कहा कि हमने सेल की पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित उक्त चारों खदानों में बडे़ पैपाने पर विशेष बहाली प्रक्रिया प्रारम्भ करने एवं इसमें सेलकर्मियों के आश्रितों, सारंडा के बेरोजगारों, एवं स्थानीय लोगों की शत फीसदी विशेष नियुक्ति करने की मांग की है. सेल प्रबंधन ने गुवा में बाहर से आये लोगों को नियुक्ति नहीं देने पर सहमती दी है, जबकि स्थानीय को बहाली मामले में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर बाद में इस पर कोई जबाब देने की बात कही है.
मधु कोड़ा ने कहा कि अगर सेल प्रबंधन हमारी मांगों के खिलाफ जाता है तो हम सभी मिलकर भविष्य में सेल की उक्त चारों खदानों का उत्पादन व माल ढुलाई कार्य को पुरी तरह से ठप कर देंगे. लौह अयस्क का एक भी टुकड़ा खदानों से बाहर नहीं जाने देंगे. इस वार्ता में मजदूर नेता रामा पाण्डेय, दुचा टोप्पो, राजेश कोडा़, पंचम जोर्ज सोय, निर्मल जीत सिंह आदि दर्जनों मौजूद थे.
