नियमों को ताक पर रख चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलाने का खेल जारी : मंगल सिंह बोबोंगा
चाईबासा : भवन निर्माण विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा जारी संकल्प आदेश को नहीं माना जा रहा है. इसका असर विभाग के कार्यकारी एजेंसी भवन प्रमंडल चाइबासा में डीएमएफटी फंड से स्वीकृत की गई योजनाओं में आमंत्रित निविदा प्रकाशन को देखने से होता है. भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सैफुल्लाह अंसारी द्वारा राजनीतिक संरक्षण प्राप्त संवेदकों को टेंडर मैनेज करने के उद्देश्य से ऑनलाइन पद्धति ई टेंडर आधारित ऑन लाईन टेंडर में फीस और इएमडी की राशि ऑनलाइन जमा करने का जिक्र प्रकाशन में नहीं किया गया है. जबकि बीते 16 अक्टूबर के बाद हार्ड कॉपी जमा करने का प्रक्रिया समाप्त कर दिया गया है. विदित हो कि टेंडर मैनेज में भारी कमिशन वसूला जाता है. हार्ड कॉपी जमा करने यानी टेंडर मैनेज करने का मामला हमेशा से चर्चा में रहा है. हार्ड कॉपी जमा नहीं करने से दबंग नेता और उनके संरक्षण प्राप्त ठेकेदार का वर्चस्व खत्म हो जायेगा.
पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि यहाँ भ्रष्टाचार की प्रकाष्ठा को विभागीय अधिकारी व सरकार मिलकर पार कर चुकी है. इस मामले में उपायुक्त अनन्य मित्तल टेंडर मैनेज पर चुप्पी साधे हुए हैं. 16 अक्टूबर के बाद हार्ड कॉपी जमा लेने पर कार्यकारी एजेन्सी पर कोई करवाई नहीं करने से उपायुक्त की विश्वसनीयता पर भी उंगली उठने लगा है. तत्कालीन डीडीसी संदीप बक्शी के तीन साल के कार्यकाल में टेंडर मैनेज का खेल चरम सीमा पर रहा था. अब देखना है कि नये डीडीसी श्री मीना के समय में भी सरकारी आदेश को नज़र अंदाज़ कर हार्ड कॉपी जमा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 16 अक्टूबर के बाद हार्ड कॉपी जमा लेने से टेंडर मैनेज का आरोप सिद्ध होता है. इसके खिलाफ वह जिला प्रशासन, कार्यकारी एजेंसी, कार्यपालक अभियंता के टेंडर मैनेज कर करोड़ों की वसुली किए जाने की जानकारी ईडी को देने को पूरे प्रमाण के साथ निष्पक्ष जाँच हेतु जल्द देंगे. उल्लेखनीय है कि डीएमएफटी में लूट व भारी भ्रष्टाचार का मामला चाईबासा ये केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत कई नेता लगातार उठाते आ रहे हैं, लेकिन लूट बंद नहीं हो रहा है.
