भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर जबरन हिन्दुवादी कार्यक्रम से जोड़ना एक अपराध है


चाईबासा : दो-दिन पूर्व  रामकथा, देवी-देवताओं की सांस्कृतिक झाँकी का कलश यात्रा के नाम से गैर-आदिवासी हिन्दुवादी धार्मिक-कार्यक्रमों/गतिविधियों में "हो" आदिवासियों को पारम्परिक ड्रेस एवं दमा-दुमंग सुसुन टीम के साथ नृत्य मंडली रूप में शामिल कराने की मामले को लेकर आदिवासी "हो" समाज युवा महासभा का प्रतिनिधिमंडल आपत्ति करने के लिए सदर अनुमंडल कार्यालय चाईबासा पहुँचे। 


आदिवासी हो समाज युवा महासभा का प्रतिनिधिमंडल ने बताया है कि सोशल मीडिया,समाचार-पत्रों व वायरल वीडियो एवं फोटोग्राफ के माध्यम से जानकारी मिला है कि एक-दो दिन पूर्व चाईबासा शहर में हिन्दुवादी रामकथा,देवी-देवताओं की सांस्कृतिक झाँकी के रूप में कलश-यात्रा निकाला गया था । जिसमें धार्मिक आक्रमण की साजिश के तहत "हो" आदिवासियों को पारंपरिक ड्रेस कोड और दमा-दुमंग सुसुन टीम को नृत्य-मंडली के रूप में शामिल कराया गया है।


आक्रोश व्यक्त करते हुए टीम ने बताया कि हिन्दुओं/गैर-आदिवासियों के धार्मिक कार्यक्रम में "हो" आदिवासियों को पारम्परिक दमा-दुमंग और ड्रेस के साथ शामिल करना एक सांस्कृतिक एवं धार्मिक अतिक्रमण है। जिससे "हो" समाज का घोर अपमान हुआ है। भोले-भाले आदिवासियों को बहला-फुसलाकर जबरन हिन्दुवादी कार्यक्रम से जोड़ना एक अपराध है। ठीक इसी तरह का 8 नवंबर को खूँटपानी के कार्यक्रम में भी "हो" आदिवासियों को पारंपरिक वेश-भूषा और लोटा-पानी के साथ शामिल किया गया था। जिसको लेकर पूरे भारतवर्ष में "हो" समाज के लोग काफी आहत हैं। फेशबुक,वाट्सअप जैसे सोशल मीडिया के फोरम में हिन्दुत्व साजिश को लेकर कड़ी आलोचनाएँ जारी है। इस साजिश के कारण आदिवासी और  हिन्दु के बीच धार्मिक आक्रमण के मामले में टकराव होने की स्थिति पैदा हो सकती है तथा शांति भंग होने की संभावना है।


प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ से माँग किया है कि चाईबासा शहर के अंदर मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व अन्य गैर-आदिवासी धार्मिक अनुष्ठानों के संचालकों/प्रबंधकों/पूजारियों/धर्म-प्रचारकों को अपने धार्मिक कार्यक्रमों व गतिविधियों में "हो" आदिवासियों को नृत्य मंडली के रूप में शामिल न करने की सख्त चेतावनी दिया जाए। इसके बावजूद जबरन शामिल करने की स्थिति में धर्मांतरण कानून के तहत अविलंब कानूनन  कार्रवाई करने की किया जाए।

इस मामले को लेकर मानकी-मुंडा संघ केन्द्रीय समिति कोल्हान-पोड़ाहाट एवं आदिवासी हो समाज महासभा, केन्द्रीय समिति, हरिगुटू, चाईबासा को भी आवश्यक कार्रवाई एवं सूचनार्थ हेतु समर्पित किया गया है।
            
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इपिल सामड, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, सदस्य बबलु सिंकू, ओएबन हेम्ब्रम, लालसिंह चातोम्बा, टाटका जामदार हेम्ब्रम, जगमोहन हेम्ब्रम, करन होनहागा, जगमोहन पुरती आदि शामिल थे।

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